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होटवार जेल में महिला कैदी प्रेग्नेंट? : केंद्राधीक्षक पर संगीन आरोप, बाबूलाल मरांडी ने कार्रवाई की मांग की

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द फॉलोअप डेस्क:

रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में कथित तौर पर एक महिला कैदी गर्भवती हो गई। बाबूलाल मरांडी ने केंद्राधीक्षक पर संगीन आरोप लगाया है। बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में दावा किया है कि  होटवार जेल के भीतर एक महिला का केंद्राधीक्षक ने शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया जिसकी वजह से वह कैदी  गर्भवती हो गई। बाबूलाल मरांडी ने कारा महानिरीक्षक पर इस केस को दबाने, साक्ष्य मिटाने और केंद्राधीक्षक को प्रशासनिक संरक्षण देने का आरोप लगाया है। बाबूलाल मरांडी ने यह भी दावा किया है कि पीड़िता को बीमारी और उपचार के बहाने जेल परिसर से बाहर गुप्ता स्थानों और अस्पतालों में ले जाया जाता है, ताकि जैविक और फॉरेंसिक साक्ष्यों को नष्ट किया जा सके। 

कारा महानिरीक्षक पर भी कार्रवाई की मांग
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बाबूलाल मरांडी ने इसे ध्वस्त प्रशासनिक नियंत्रण व्यवस्था का उदाहरण बताया है। बाबूलाल मरांडी ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की जगह, वरीय पदाधिकारियों द्वारा मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि कारा महानिरीक्षक इस गंभीर मामले को रफा-दफा करने, फाइलों को गायब करने और दोषी काराधीक्षक को प्रशसानिक संरक्षण देने  का षड्यंत्र करने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। 

 

चश्मदीद गवाहों के ट्रांसफर का लगाया आरोप
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जेल में कुकृत्य  का यह पहला मामला नहीं है। बिरसा मुंडा जेल में लंबे समय से संगठित और समानांतर आपराधिक साम्राज्य फल-फूल रहा है। उन्होंने कहा कि इस गहरे अनैतिक गठजोड़ का भेद बाहर आने से रोकने के लिए और जेलकर्मियों समेत अन्य गवाहों का मुंह बंद रखने के लिए बड़े पैमाने पर रिश्वत बांटी जा रही है। बाबूलाल मरांडी ने इसे सरकारी खजाने और प्रभाव के बलबूते सच का गला घोंटने का घिनौना खेल बताया है।  

प्रकरण के वैज्ञानिक-फॉरेंसिक नष्ट करने का आरोप
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि महिला कैदी का शारीरिक उत्पीड़न और उसे गर्भवती बनाने के तमाम वैज्ञानिक और कानूनी साक्ष्यों को मिटाने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता को बीमारी और उपचार के बहाने जेल परिसर से बाहर गुप्त स्थानों और अस्पतालों में  ले जाया जाता है, ताकि अवैध मेडिकल हस्तक्षेप से जैविक और फॉरेंसिक साक्ष्यों को नष्ट किया जा सके। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जेल के  भीतर जो लोग इस अपराध के चश्मदीद गवाह हैं, उनको रातों-रात या तो पदमुक्त कर दिया गया या अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया गया है। 

बाबूलाल मरांडी ने सरकार से बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के केंद्राधीक्षक और कारा महानिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

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