logo

दामोदर नदी से अवैध बालू उठाव का धंधा खुलेआम, प्रशासन बना मूकदर्शक

patratu_balu.jpg

द फॉलोअप डेस्क

झारखंड स्थित रामगढ़ जिला के पतरातू में दामोदर नदी से अवैध रूप से बालू कारोबार का धंधा खुलेआम चल रहा है। जानकारी के अनुसार दिन हो या रात, नदी घाटों पर हाईवा और ट्रैक्टरों की लगातार आवाजाही लगी रहती है। हैरानी की बात तो यह है कि पुलिस प्रशासन विभाग भी मूकदर्शक बनी हुई है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि जैसे ही शाम होती है, नदी किनारे बने अस्थायी स्टॉक डंप से दर्जनों हाईवा वाहन बालू लादकर रांची की ओर रवाना होने लगते हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क को किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है जिसके इशारों पर ही अवैध रूप से बालू उठाने का काम चल रहा है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि टोकीसूद, तेरपा महुआ टोला और डीजल कॉलोनी के आसपास  इस तरह की गतिविधियां सबसे अधिक देखी जा रही है। रात के अंधेरे में मशीनों की आवाज और वाहनों की कतारें साफ बताती हैं कि यह कारोबार संगठित तरीके से संचालित हो रहा है। वहीं, प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं साथ ही खनन विभाग और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि जब इस संबंध में पतरातू थाना प्रभारी से जानकारी ली गई, तो उन्होंने ऐसी किसी गतिविधियों की जानकारी से साफ इनकार कर दिया।

वहीं, लोगों का कहना है कि यदि कार्रवाई की मंशा हो तो इस अवैध धंधे को एक दिन में रोका जा सकता है। लेकिन फिलहाल स्थिति यह है कि नियम-कानून सिर्फ दस्तावेजों तक ही सीमित दिखाई दे रहे हैं। चिंता की बात तो यह है कि अवैध खनन को तेज करने के लिए नदी में मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारी मशीनों की मदद से नदी की तलहटी को खंगाला जा रहा है, जिससे प्राकृतिक संरचना को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां नदी के प्रवाह को तो प्रभावित करती ही हैं साथ-साथ अवैध बालू खनन का सीधा असर पर्यावरण पर भी पड़ रहा है। इससे किनारों पर कटाव बढ़ता है और आसपास की जमीन की उर्वरता भी घटती है। यदि यही हाल रहा तो आने वाले सालों में नदी का जलस्तर गिरने और जल संकट गहराने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

वहीं नदी किनारे बसे गांवों में रह रहे लोगों ने बताया कि पहले जहां पानी की उपलब्धता बेहतर थी, अब वहां जलस्तर में गिरावट महसूस की जा रही है। इसके अलावा, भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कों की हालत भी खराब हो रही है। धूल और शोर से स्थानीय निवासियों का जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से अविलंब जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अवैध खनन पर रोक नहीं लगी तो दामोदर नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। वहीं लोगों को उम्मीद है कि जिम्मेदार विभाग जल्द ही सख्त कदम उठाएंगे और अवैध कारोबार पर लगाम लगाएंगे।

Tags - Illegal Sand Lifting from Damodar River in Ramgarh Questions Raised Over Administrative Inaction