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राज्य में 31 मार्च तक कैसे बनेगा 1,82,454 आवास, 8 खराब प्रदर्शन वाले जिलों में रांची भी शामिल

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सरफराज कुरैशी/ रांची
राजधानी सहित राज्य भर में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का हाल बुरा है। झारखंड राज्य में 2016-17 से 2021-22 तक सभी जिलों को मिलाकर कुल 16,03,249 लाभुकों को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। मगर अब तक निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध केवल 88 प्रतिशत आवास ही पूरे हुए हैं। वहीं, निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध  1,82,454 आवास पूर्णता के लिए अभी भी लंबित हैं। जबकि, इसे 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाना था। मगर वर्तमान स्थिति को देखकर यह कहा जा सकता है कि तय लक्ष्य को प्राप्त करना बहुत ही मुश्किल है। वहीं, राज्य में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले आठ जिलों में राजधानी रांची भी शामिल है। खराब प्रदर्शन वाले जिलों में पलामू पहले पायदान पर है। इसके बाद गढ़वा, साहिबगंज, देवघर, गिरिडीह, चतरा, दुमका और आठवें नंबर पर रांची जिला है।

तमाड़ प्रखंड का प्रदर्शन सबसे खराब
रांची जिले में 2016-17 से 2021-22 तक कुल 71,764 आवासों का लक्ष्य निर्धारित है। जिसके विरुद्ध अब तक महज 62,893 आवास ही पूर्ण कराए जा सके हैं। अभी भी 8871 आवास पूर्ण कराए जाने हैं। जबकि समय करीब दो माह यानि 31 मार्च 2023 तक ही है। रांची जिला में सबसे खराब प्रदर्शन तमाड़ प्रखंड का है। यहां सबसे अधिक 1899 आवास पूर्णता के लिए लंबित हैं। जबकि, सबसे बेहतर प्रदर्शन खलारी प्रखंड का है। यहां तय लक्ष्य को 100 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।

बीडीओ की लापरवाही के कारण है यह स्थिति
रांची सहित राज्य भर में पीएम आवास योजना की इस स्थिति के लिए प्रखंड व पंचायत स्तर के पदाधिकारी दोषी हैं। उनकी लापरवाही के कारण आवास पूर्ण करवाने में कठिनाई हो रही है। रांची जिले की बात करें तो यहां लगभग 4475 ऐसे आवास हैं जो लिंटन स्तर से ऊपर कार्य संपादित है। मगर बीडीओ व अन्य कर्मियों के कारण आवास पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं। जिम्मेदार पदाधिकारी व कर्मी लाभुकों तक नहीं पहुंच रहे हैं। जबकि, लाभुकों को दी जाने वाली निर्धारित रकम 1,30,000 के विरुद्ध 1,25,000 रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इससे साफ है कि बीडीओ मॉनिटरिंग नहीं कर रहे हैं। जिसके कारण रांची जिला लक्ष्य प्राप्त करने में पिछड़ रहा है।