रांची/नामकोम:
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने झारखंड के सभी पंचायतों में हेल्थ कॉटेज बनाने की घोषणा की. उन्होंने बताया कि यहां मरीजों को इलाज के साथ स्वास्थ्य लाभ के अनुकूल वातावरण भी उपलब्ध कराया जाएगा. मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि प्रदेश के हेल्थ सिस्टम में अत्याधुनिक उपकरण और एआई तकनीक को शामिल किया जाएगा. उन्होंने ऐलान किया कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सशक्त मॉनिटरिंग सेल स्थापित किया जाएगा. मरीजों को उनके ब्लड ग्रुप का शुद्ध रक्त मिले, इसके लिए नई नीति लागू करने की बात भी विभागीय मंत्री ने कही.
उन्होंने बताया कि चयनित एजेंसी के जरिये मरीजों को रक्त उपलब्ध कराया जाएगा और इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए विभाग की ओर से टोल-फ्री नंबर जारी किया जाएगा.
“If efforts are sincere, success is certain.”
— Dr. Irfan Ansari (@IrfanAnsariMLA) April 7, 2026
On the occasion of World Health Day, Jharkhand has achieved a significant milestone in the healthcare sector during the state-level program. The state has secured the 3rd position in the NQAS ranking across the country, reflecting the… pic.twitter.com/9BV0xHXeCD
झारखंड में 747 आबुआ मेडिकल स्टोर खुलेंगे
मंत्री डॉ. अंसारी ने कहा कि झारखंड में जरूरतमंद मरीजों को आबुआ मेडिकल स्टोर के जरिये दवाइयां मुहैया कराई जाएंगी. यहां दवाओं के उपयोग, साइड इफेक्ट और खाने के तरीके की जानकारी भी आसान भाषा में दी जाएगी. पूरे प्रदेश में 747 आबुआ मेडिकल स्टोर खोलने की तैयारी है. मंत्री इरफान अंसारी ने राज्यसर के स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की है कि वे विभाग के प्रयासों में अपेक्षित सहयोग करें. चिकित्सकों और मेडिकलकर्मियों से कहा कि वे मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ नम्रता से पेश आएं.
स्वास्थ्य मंत्री ने वादा किया है कि अच्छा काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मी पुरस्कृत किए जाएंगे जबकि लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी. उन्होंने कहा कि वे किसी भी स्वास्थ्य संस्थान का औचक निरीक्षण कर सकते हैं.
ई-संजीवनी टेलिमेडिसीन विषय पर कार्यशाला
गौरतलब है कि मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान में ई-संजीवनी टेलिमेडिसीन विषय पर कार्यशाला का उद्घाटन किया. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन भ्रम और गलत इलाज से बचाने में अत्यंत प्रभावी है. उन्होंने बेहतर कार्य कर रहे डॉक्टरों से अन्य चिकित्सकों को प्रेरणा लेने की अपील की, ताकि दूरदराज क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें.
कार्यशाला में किन लोगों ने की शिरकत
कार्यशाला में राज्यभर के सिविल सर्जन, ई-संजीवनी टेलीमानस के प्रतिनिधि सहित कई स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे. इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री, राजमहल सांसद विजय हांसदा एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा द्वारा ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन की प्रोटोकॉल गाइडलाइंस का अनावरण किया गया. उत्कृष्ट कार्य करने वाले 13 डॉक्टरों एवं 12 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (CHO) को सम्मानित किया गया.
डॉ. अंसारी ने कहा कि कोविड जैसे कठिन समय में जब लोग एक-दूसरे से दूर हो रहे थे, उस समय ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन ने लोगों को जोड़ा. उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों के साथ उनका व्यवहार सहज, सरल और संवेदनशील होना चाहिए, ताकि मरीज अपनी समस्या खुलकर साझा कर सकें.