हजारीबाग
फर्जी बिल बनाकर ट्रेजरी से करोड़ों की निकासी
हजारीबाग पुलिस विभाग के अकाउंट सेक्शन में करोड़ों रुपए के गबन मामले में तीन सिपाहियों मास्टरमाइंड शंभू कुमार, धीरेन्द्र कुमार सिंह और रजनीश कुमार सिंह उर्फ पंकज को जेल भेज दिया गया। ट्रेजरी से करीब 28 करोड़ रुपए की गड़बड़ी का खुलासा हुआ। पहले राशि 15.41 करोड़ की बताई जा रही है । मंगलवार देर रात से शुरू हुई जांच गुरुवार को पूरी हुई। इसके अलावा शंभू और रजनीश की पत्नियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कुल मिलाकर 5 आरोपी जेल में हैं। जांच के दौरान पता चला कि तीनों सिपाहियों ने बाल सिपाही के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपने परिवार के बैंक खातों को जोड़ते हुए फर्जी बिल बनाए। इन बिलों के जरिए ट्रेजरी से लगातार पैसे ट्रांसफर किया जा रहा था।
अवैध कमाई से आलीशान मकान
जांच में यह भी पता चला कि शंभू कुमार वर्ष 2012 से इस गबन को अंजाम दे रहा था, जबकि 2019 में बाकी आरोपी धीरेन्द्र और रजनीश भी गोरखधंधे में शामिल हो गए। जांच में सामने आया की शंभू ने अवैध कमाई से हजारीबाग के भवानी कालोनी में तीन मंजिला आलीशान मकान बनावाया है , जिसमें 8 फ्लैट हैं। यह फ्लैट पत्नी के नाम पर है और इसकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। पुलिस अब आरोपियों के परिजनों और ससुराल पक्ष के लोगों से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है। फिलहाल जांच टीम गहने और इनकी संपतियों के मूल्यांकन में जुटी है। 
बोकारो में 6 करोड़ का राजकोष घोटाला
पुलिस विभाग से अकाउंट सेक्शन में सामने आए घोटाले में आरोपी अकाउंटेंट कौशल पांडेय ने रिटायर हवलदार उपेंद्र सिंह को कागजों में दारोगा दिखाकर उनके नाम पर 63 बार में 4.29 करोड़ रुपए निकाल लिए। यह गड़बड़ी 2023-24 से 2025-26 के बीच करीब 25 महीनों में की गई। शुरुआती जांच में 3.15 करोड़ की बात सामने आई थी, जो अब बढ़कर 6 करोड़ हो गई है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अन्य पुलिसकर्मियों के नाम का इस्तेमाल कर करीब 2.25 करोड़ रुपए और निकाले गए, जिनमें एस कुमार, राजेंद्र कुमार, अनिल सिंह, एके देवी, ललिता सिंह और स्मिता मिंज के नाम शामिल हैं। घोटाले की कुछ रकम कौशल पांडेय की पत्नी अनु पांडेय के खाते में भी ट्रांसफर की गई। मामले के उजागर होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज है और जांच जारी है।