द फॉलोअप डेस्क
गुमला में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। उपायुक्त के निर्देश पर मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी राजीव नीरज ने की। इस बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, थाना प्रभारी, मोटरयान निरीक्षक और यातायात पदाधिकारी समेत कई संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में शहर में लगातार बढ़ रही भीड़-भाड़, स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को हो रही परेशानी, भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही, सवारी गाड़ियों का निर्धारित स्थानों के बाहर रुकना और ई-रिक्शा व ऑटो चालकों द्वारा जाम की स्थिति उत्पन्न किए जाने जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने इन समस्याओं के समाधान के लिए कई अहम फैसले लिए। सबसे बड़ा निर्णय शहर में “नो-एंट्री” व्यवस्था लागू करने को लेकर लिया गया। तय किया गया कि प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक शहरी क्षेत्र में भारी और मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य शहर में यातायात दबाव कम करना और खासकर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करना है। जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि नो-एंट्री समय का स्पष्ट उल्लेख करते हुए प्रमुख स्थानों पुगू करमडीपा, सिलम बाईपास, लोहरदगा रोड स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास तथा उर्मी चौक पर सूचना बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही इन स्थानों पर स्लाइडर (बैरियर) स्थापित कर रोस्टर के अनुसार पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि नियमों का सख्ती से पालन कराया जा सके। सवारी वाहनों की मनमानी पर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि निर्धारित स्थानों के अलावा कहीं भी वाहन रोकने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत 1000 से 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई चालक बार-बार नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा। इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी को सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। नगर परिषद को भी कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि टेम्पो और ई-रिक्शा से टोकन शुल्क की वसूली केवल निर्धारित स्थानों पर ही हो। वहीं बसों का टोकन केवल बस डिपो के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही लिया जाए। साथ ही संबंधित वेंडरों को नोटिस जारी कर यह स्पष्ट किया जाए कि नियमों की अनदेखी करने पर जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी, अनुशासित और नागरिकों के हित में बनाने पर जोर दिया गया। प्रशासन के इन निर्णयों से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में गुमला शहर की यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा और आम लोगों को जाम से राहत मिलेगी।