द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बेंगाबाद थाना क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे के बाद घायल युवक को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन यहां की बदहाल व्यवस्था ने सिस्टम की पोल खोलकर रख दी। परिजनों के अनुसार, युवक का प्राथमिक इलाज तो किया गया, लेकिन इसके बाद अस्पताल कर्मियों ने सलाइन की बोतल उनके हाथ में थमा दी। हैरानी की बात यह रही कि मरीज स्ट्रेचर पर पड़ा रहा और उनके परिजन खुद सलाइन पकड़कर काफी देर तक खड़े रहे। इस दौरान न तो कोई नर्सिंग स्टाफ मौजूद दिखा और न ही मरीज की समुचित देखरेख होती नजर आई। घटना ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जहां एक ओर सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई देती है। मरीज की हालत को देखते हुए बाद में उसे धनबाद रेफर कर दिया गया, लेकिन सवाल यह है कि क्या सदर अस्पताल में इतनी भी व्यवस्था नहीं कि एक मरीज को सलाइन स्टैंड उपलब्ध कराया जा सके। बहरहाल यह कोई पहली घटना नहीं है। पहले भी कई बार ऐसी लापरवाही सामने आ चुकी है, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण हालात जस के तस बने हुए हैं। अब देखना यह होगा कि इस मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग क्या कदम उठाता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
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