द फॉलोअप डेस्क
गढ़वा शहर में अवैध रूप से संचालित बूचड़खाने के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम संजय कुमार और एसडीपीओ नीरज कुमार के नेतृत्व में टीम ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच छापेमारी कर अवैध गतिविधियों का पर्दाफाश किया। प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर के ऊंचरी मोहल्ले में अवैध रूप से बूचड़खाना चलाया जा रहा है। इसके बाद एक संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसमें पशुपालन विभाग, खाद्य आपूर्ति विभाग, नगर परिषद और सदर थाना पुलिस शामिल थी। मौके पर जब टीम पहुंची तो वहां का नजारा देख सभी हैरान रह गए। घनी आबादी वाले इलाके के बीच बने दो अवैध मकानों में गौवंशीय पशुओं का वध किया जा रहा था। आसपास हड्डियों का ढेर लगा हुआ था, जिससे लंबे समय से इस अवैध कारोबार के चलने का संकेत मिला। सर्च अभियान के दौरान गलियों में करीब एक घंटे तक तलाशी ली गई। इस दौरान अस्थायी टिन शेडनुमा कमरों में संचालित अवैध बूचड़खाना मिला, जहां से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पशु अवशेष, खाल और मांस बरामद किए गए।

मौके पर मौजूद जिला पशुपालन पदाधिकारी ने प्रथम दृष्टया इसे गोकशी से जुड़ा मामला बताया। वहीं बरामद अवशेषों को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत वीडियोग्राफी कर जमीन में गाड़कर नष्ट किया गया। साथ ही नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। छापेमारी के दौरान तस्कर और कसाई मौके से फरार हो गए। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। इस दौरान एसडीएम संजय कुमार और एसडीपीओ नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि इस तरह के अवैध और अनैतिक कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम 2005 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से गढ़वा शहर में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि आगे भी ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा, ताकि कानून व्यवस्था और सामाजिक संतुलन बनाए रखा जा सके।
