रामगढ़:
पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को हिरासत में लिया गया है. रामगढ़ जिला के पतरातु प्रखंड अंतर्गत हेसला पंचायत में विस्थापन के मुद्दे पर विवाद गहरा गया है. जियाडा कंपनी की कार्रवाई के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और हजारीबाग के पूर्व सांसद यशवंत सिन्हा को पुलिस ने हिरासत में लिया है. यशवंत सिन्हा की गिरफ्तारी से इलाके में तनाव बढ़ गया है. दरअसल, हेसला पंचायत में जिला प्रशासन द्वारा कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए दर्जनभर जेसीबी मशीनें लगी थीं. भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में घरों को हटाया जा रहा था. इसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया.
पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और पूर्व विधायक शंकर चौधरी धरना प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे. इसी दौरान उनकी प्रशासन से तीखी नोंक-झोंक हुई. पतरातु थाना पुलिस का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए यशवंत सिन्हा को हिरासत में लिया गया है.
ग्रामीणों ने विस्थापन को अन्याय बताया
स्थानीय लोग का कहना है कि हम लोग सालों से यहां रह रहे हैं, अचानक इस तरह हटाया जाना गलत है. जब तक पुनर्वास नहीं होगा, हम हटेंगे नहीं. स्थानीय लोगों का कहना है कि वे दशकों से इस इलाके में रह रहे हैं और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया जाना उनके लिए अन्याय है. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि पहले पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए, उसके बाद ही किसी तरह की कार्रवाई हो.
फिलहाल पूरे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है.
प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. हेसला में विस्थापन को लेकर जारी यह विवाद अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है. देखना होगा कि प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच यह गतिरोध कब खत्म होता है और प्रभावित लोगों को राहत मिलती है या नहीं.