द फॉलोअप डेस्क
रामनवमी के पावन अवसर पर जहां पूरा क्षेत्र ढोल-नगाड़ों और 'जय श्रीराम' के जयघोष से गुंजायमान था, वहीं गदोखर क्षेत्र में आधी रात को हुई एक हिंसक घटना ने उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया। रविवार रात करीब 12:30 बजे जुलूस के दौरान डीजे पर चढ़ने को लेकर हुए मामूली विवाद में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जुलूस के दौरान करन यादव नामक युवक डीजे पर चढ़कर नाच रहा था। भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए रामकुमार साव ने उसे नीचे उतरने की हिदायत दी। यह सामान्य सी समझाइश करन यादव को इतनी नागवार गुजरी कि उसने आपा खो दिया और अचानक चाकू निकालकर रामकुमार साव पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले के बाद अत्यधिक रक्तस्राव के कारण रामकुमार की मौके पर ही मौत हो गई। भक्ति में डूबा जुलूस क्षण भर में चीख-पुकार और भगदड़ में तब्दील हो गया।
हैरान करने वाली बात यह है कि इस घटना के पीछे कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी। आवेश में किए गए इस कृत्य के बाद आरोपी करन यादव मौके से फरार हो गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि उसे भगाने और साक्ष्य छिपाने में उसके दोस्त नीतेश कुमार यादव (उर्फ छोटा डॉन) और उसके पिता अरुण यादव ने सक्रिय भूमिका निभाई। हत्या में प्रयुक्त हथियार (भुजाली) को भी अरुण यादव के घर की छत पर छिपा दिया गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पेलावल थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी शुरू की। अंततः मुख्य आरोपी करन कुमार यादव और उसके साथी नीतेश यादव को कंडसार रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, एक अन्य आरोपी को छड़वा डैम स्थित काली मंदिर के पास से दबोचा गया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल खून से सनी भुजाली भी बरामद कर ली है।
इस घटना के बाद से गदोखर और आसपास के इलाकों में आक्रोश का माहौल है। स्थिति को नियंत्रित करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
.jpeg)