logo

डेड लाइन समाप्त,76 फीसदी राशन कार्डधारियों का ही हो सका ईकेवाइसी, अब तक 1.42 लाख लाभुक गलत पाए गए

ration003.jpg

द फॉलोअप डेस्क
केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लाभुकों का ईकेवाइसी कराने का निर्देश दिया था। इसका उद्देश्य फर्जी राशन कार्डधारियों की पहचान करना था। इसके लिए 30 जून अंतिम तिथि निर्धारित थी। लेकिन 30 जून तक झारखंड में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के 76 फीसदी लाभुकों का ही ईकेवाइसी हो सका। 24 फीसदी लाभुकों का ईकेवाइसी लंबित रह गया। हालांकि ईकेवाइसी का एक सुखद फलाफल यह निकला कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन ले रहे एक लाख 42 हजार 504 गलत पहचान हुई। इससे राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत मिलनेवाले खाद्यान्न अब इस रिक्ति के विरुद्ध एक लाख 42 हजार 504 नये लाभुकों को दिया जा सकेगा।


यहां मालूम हो कि केंद्र सरकार ने 2011 की जनगणना के आधार पर झारखंड में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लाभुकों की अधिकतम संख्या दो करोड़ 64 लाख 25 हजार 325 तय कर रखी है। केंद्र द्वारा तय सीमा 9 जून 2022 को भर गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने झारखंड में अपने खर्च पर मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना को लागू किया। इस योजना के तहत लाभुकों की अधिकतम संख्या 25 लाख निर्धारित की गयी है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के लाभुकों का ईकेवाइसी के क्रम में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना के लाभुकों का भी ईकेवाइसी कराया। लेकिन 30 जून तक राज्य योजना के 65 फीसदी लाभुकों का ही ईकेवाइसी कराया जा सका। यहां मालूम हो कि 25 लाख अधिकतम लाभुकों की संख्या के विरुद्ध राज्य में 24 लाख 99 हजार 767 लाभुकों को राशन कार्ड वितरित किया गया है। इनमें 30 जून तक 16 लाख 14 हजार 442 लाभुकों का ईकेवाइसी किया जा सका।


क्या है ईकेवाइसी
ईकेवाइसी के लिए लाभुक परिवार के सदस्यों को बायमैट्रिक जांच से गुजरना पड़ता है। परिवार के सभी सदस्यों को बायोमैट्रिक मशीन पर उंगली डाल कर अपनी पहचान बतानी पड़ती है। इससे पता चल जाता है कि परिवार का कौन सदस्य फर्जी है। किसके पास फर्जी राशन कार्ड है। 


ईकेवाईसी कराने की तिथि बढ़ेगी
खाद्य आपूर्ति विभाग के आधिकारिक सूत्र ने बताया कि 30 जून तक ईकेवाइसी कराने की तिथि तय की गयी थी। लेकिन ईकेवाइसी का काम पूरा नहीं होने के कारण अब इसकी तिथि आगे बढ़ायी जाएगी। हालांकि यह केंद्र सरकार के दिशा निर्देश पर निर्भर करेगा। वैसे सूचना के अनुसार केंद्र सरकार फिर ईकेवाइसी के लिए तिथि बढ़ाने जा रही है। क्योंकि गलत और फर्जी राशन कार्डधारियों की पहचान करना आवश्यक है। पहले तो लाखों लोगों ने गलत ढंग से राशन कार्ड बनवा रखा है। दूसरा उसमें परिवार के सदस्यों के भी गलत नाम हैं। इनके नाम पर निःशुल्क मिलनेवाले राशन का उठाव जारी है। इसमें लाभुक और डीलर, दोनों की मिली भगत होती है।

Tags - Ration card holder Jharkhand eKYC 30 June Deadline Ended Lakhs Fake Beneficiaries