द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर तय की गई डेडलाइन भले ही खत्म हो चुकी हो, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब भी एक बड़ी चुनौती बाकी है। अधिकांश बड़े नक्सली कमांडरों के आत्मसमर्पण या मुठभेड़ में मारे जाने के बाद अब संगठन का आखिरी प्रमुख चेहरा मिसिर बेसरा बचा हुआ है, जिस पर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित है।बेसरा के संगठन में कई नाम हैं। इनमें भास्कर, सुनील, सुनीर्मल और विवेक आदि हैं। लगातार कार्रवाई के चलते बस सारंडा में तीन थाना क्षेत्रों तक सीमित रह गया है है, लेकिन बेसरा अब भी सुरक्षाबलों के लिए सिरदर्द बना हुआ है।

खुफिया इनपुट के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि मिसिर बेसरा झारखंड के सरांडा जंगलों में छिपा हो सकता है। इसी को देखते हुए सीआरपीएफ के करीब तीन हजार जवानों को इलाके में तैनात किया गया है और सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
इस बीच एक भावनात्मक पहलू भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि बेसरा के बेटे ने उसे चिट्ठी लिखकर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। बेटे ने हथियार छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की गुहार लगाई है, जिससे यह मामला सिर्फ सुरक्षा ही नहीं बल्कि सामाजिक और पारिवारिक दृष्टिकोण से भी अहम बन गया है।सुरक्षाबल अब हर संभव प्रयास में जुटे हैं ताकि झारखंड को पूरी तरह नक्सल मुक्त किया जा सके और इस अभियान की आखिरी कड़ी भी जल्द पूरी हो सके।
