द फॉलोअप डेस्क
रांची के अरगोड़ा इलाके के वसुंधरा अपार्टमेंट में इन दिनों गहरा सन्नाटा छाया हुआ है। मर्चेंट नेवी में काम करने वाले कैप्टन राकेश रंजन सिंह का शव अभी तक दुबई से भारत नहीं पहुंच पाया है, और परिवार बस उनके आने का इंतजार कर रहा है, ताकि आखिरी बार उन्हें देख सके। राकेश तेल लेने के लिए दुबई गए थे, लेकिन वापस आने से पहले ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। ईरान-इजरायल के तनाव की वजह से उनकी यात्रा रुक गई और इसी दौरान 18 मार्च को जहाज पर ही उन्हें हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मौत हो गई। पूरे घर में मायूसी छाई हुई है। पत्नी रंजू कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है।
राकेश पिछले 24 साल से मर्चेंट नेवी में थे और अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। एक बेटा इंजीनियरिंग पढ़ रहा है और दूसरा अभी स्कूल में है। उनके बड़े भाई की बात सुनकर हर किसी की आंखें नम हो जा रही हैं। वे कहते हैं, बस एक दिन का फर्क था... अगर हालात एक दिन बाद बिगड़ते, तो मेरा भाई आज जिंदा होता। आखिरी बार जब दोनों की बात हुई थी, तब राकेश ने भी बताया था कि हालात बहुत खराब हैं और कई जहाज समुद्र में फंसे हुए हैं।अब परिवार को बस एक ही इंतजार है—कि जल्द से जल्द राकेश का पार्थिव शरीर भारत आए, ताकि उन्हें अंतिम विदाई दी जा सके। इस घटना से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा इलाका दुख में डूबा हुआ है।.jpg)