रांची
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान निर्णय लिया गया कि आगामी 25 अप्रैल को रांची में भाजपा के बैनर तले बड़ा आक्रोश मार्च निकलेगा। यह आक्रोश मार्च मोरहाबादी मैदान से मेन रोड तक आयोजित है। इस कार्यक्रम में रांची महानगर, रांची पूर्वी, रांची पश्चिमी, रामगढ़, खूंटी और लोहरदगा जिले से हजारों की संख्या में माता-बहनें शामिल होंगी। बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन के दलों पर बड़ा निशाना साधा। साहू ने कहा कि संसद में पेश महिला आरक्षण बिल का विरोध कर कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सांसदों ने देश की महिला शक्ति के साथ घोर अन्याय किया है। कांग्रेस पार्टी का इतिहास पुराना है। जब कभी अवसर आया है कांग्रेस पार्टी ने नारी शक्ति को कुचलने में ताकत लगाई है। ये वही कांग्रेस है जिसने शाहबानो को न्याय दिलाने में नहीं बल्कि वोट बैंक के खातिर उसे प्रताड़ित करने में सत्ता का दुरुपयोग किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलकर शाहबानो के विरोध में कानून बनाए थे। इतना ही नहीं तीन तलाक कानून का विरोध किया, राष्ट्रपति का विरोध किया।

कांग्रेस और इंडी गठबंधन के खिलाफ नारी शक्ति में आक्रोश
मोदी सरकार द्वारा लागू किए गए नारी सशक्तिकरण की योजनाओं का मजाक उड़ाया। यह जगजाहिर है कि कांग्रेस पार्टी गांधी परिवार की महिलाओं के सिवा और किसी महिला को राजनीति में आगे बढ़ते नहीं देखना चाहती है। इसी मानसिकता के कारण संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया। इस महिला विरोधी चरित्र के कारण देश भर में कांग्रेस और इंडी गठबंधन के खिलाफ नारी शक्ति में आक्रोश व्याप्त है। बहनें सड़कों पर उतरकर कांग्रेस पार्टी का विरोध कर रही है। वहीं इस दौरान उन्होंने लोगों से 25 अप्रैल के दिन होने वाले आक्रोश मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान भी किया। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष के अलावा संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा, गीता कोड़ा, भानु प्रताप शाही, मुनेश्वर साहू, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, प्रदेश मंत्री सुनीता सिंह, अमरदीप यादव, रांची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, सत्यनारायण सिंह, रमेश सिंह, सभी संबंधित छह जिले के अध्यक्ष सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
