रांची
दिशोम गुरु शिबू सोरेन के ‘शिबू’ कहकर पुकारने पर जेएमएम ने कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बाबूलाल को शायद होश नहीं है कि वे क्या बोल रहे हैं। बाबूलाल बेरोजगार हो गये हैं, वो शिबू सोरेन को शिबू बोलकर संबोधित कर रहे हैं। जबकि वे खुद उनके छोटे अंश के बराबर भी नहीं हैं। कहा कि शिबू सोरेन नहीं होते, तो आज झारखंड का अस्तित्व भी नहीं होता। जब झारखंड का अस्तित्व नहीं होता, तो खुद बाबूलाल मरांडी भी नहीं होते। कहा कि बाबूलाल को दिशोम गुरु शिबू सोरेन का सम्मान करना चाहिये। लेकिन वे इसके उलट, एक प्रकार से दिशोम गुरु का अपमान कर रहे हैं। इससे उनका ही कद छोटा हो रहा है।

अगला चुनाव नहीं जीत पायेंगे
सुप्रियो ने आगे कहा कि बाबूलाल बीजेपी को एक बार छोड़ चुके हैं। बीजेपी को छोड़ने के बाद वे राजनीतिक रूप से विस्थापित हो गये थे, अब बेरोजगार भी हो गये हैं। बता दें कि बाबूलाल इन दिनों अपनी सभाओं में हेमंत सरकार पर लगातार हमले कर रहे हैं। हेमंत सरकार पर गंभीर इल्जाम लगा रहे हैं। इस दौरान वे भूमि से लेकर शराब और बालू तक के घोटालों का जिक्र वे करते हैं। इसका जवाब देते हुए सुप्रियो ने कहा कि हेमंत सरकार को बाबूलाल से सर्टीफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। झारखंड की जनता को पता है कि उनका असली हितैषी कौन है। कहा कि बाबूलाल की लोकप्रियता लगातार गिर रही है। वे इस बार राजधनवार से चुनाव हारेंगे।

बाबूलाल से किये ये सवाल
जेएमएम प्रवक्ता सुप्रियो ने बाबूलाल से सवाल पूछे हैं। कहा कि बाबूलाल बतायें कि उनके मुखिया और प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी आज तक मणिपुर क्यों नहीं गये हैं। जबकि मोदी आदिवासियों का हितैषी होने के लागातार दावे करते हैं। कहा कि दरअसल बाबूलाल सस्ती लोकप्रिया हासिल करने के लिए कुछ भी बोल रहे हैं। कुछ भी कर रहे हैं। कहा कि सुंदरपहाड़ी के मलेरिया प्रभावित इलाकों में राहत कार्य की मॉनिटरिंग खुद सीएम हेमंत कर रहे हैं। लेकिन बाबूलाल वहां जाकर राजनीति कर रहे हैं।
