हजारीबाग:
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने बिष्णुगढ़ में नाबालिग बच्ची की कथित तौर पर झाड़फूंक के नाम पर हत्या किए जाने की घटना पर पुलिस प्रशासन को घेरा। उन्होंने कहा कि बीजेपी के आंदोलन से डरकर पुलिस ने मामले को कुछ और बनाकर पेश किया। आदित्य साहू ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशाशन ने पूरे मामले को तोड़-मरोड़कर पेश किया है। उन्होंने पुलिस की नरबलि की थ्योरी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वारदात की सही जांच नहीं हुई। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के दबाव में हजारीबाग पुलिस प्रशासन ने बच्ची की मौत मामले में मनगढ़ंत थ्योरी बनाई है।

आदित्य साहू ने प्रदीप प्रसाद के बयान को निजी टिप्पणी कहा
आदित्य साहू ने पार्टी के विधायक प्रदीप प्रसाद के उस बयान को उनकी निजी टिप्पणी बताया जिसमें उन्होंने बिष्णुगढ़ मामले का उद्भेदन करने को लेकर हजारीबाग पुलिस की सराहना की थी। दरअसल, प्रदीप प्रसाद ने पूर्व बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद के उन आरोपों का खंडन किया था, जिसमें उन्होंने नरबलि वाली पुलिस की थ्योरी को चंदा मामा की कहानी कहा था।
प्रदीप प्रसाद ने कहा था कि यह चंदा मामा की कहानी नहीं है, बल्कि पुलिस ने काफी मेहनत से वारदात का खुलासा किया है और सही अपराधियों को पकड़ा है। आदित्य साहू ने प्रदीप प्रसाद के बयान को उनकी निजी टिप्पणी बताते हुए कहा कि बतौर झारखंड भाजपा अध्यक्ष, मैं इस केस की सीबीआई जांच चाहता हूं। आदित्य साहू ने बिष्णुगढ़ वाली घटना पर पुलिस पर गुमराह करने का आरोप
लगाया।
सवाल है कि जब बीजेपी विधायक प्रदीप प्रसाद जिला प्रशासन की जांच से संतुष्ट हैं तो पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सीबीआई जांच क्यों चाहते हैं। विधायक जिस मामले में पुलिस प्रशासन को क्लीन-चिट दे रहे हैं, उसी केस में उनकी पार्टी का मुखिया केंद्रीय एजेंसी से जांच करवाने की मांग करता है।