गिरिडीह के बगोदर में अपराधियों ने वर्कशॉप संचालक मिथिलेश यादव की गला रेतकर हत्या कर दी। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया।
15 अगस्त को रांची में सरकारी कार्यालय, बैंक और स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। अस्पताल और अन्य आवश्यक सेवाएं सामान्य रहेंगी, जबकि स्वतंत्रता दिवस समारोह के चलते ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव संभव है।
बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के असर से झारखंड में 16 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर येलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि खूंटी में सबसे अधिक 52 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
सीएम हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन टनल के धंसने से झारखंड के खूंटी, गुमला आदि जिलों के कुछ श्रमिकों के फंसे होने की खबर पर चिंता जताई है। उन्होंने इस संबंध में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से फोन पर बात की। हेमंत सोरेन ने
छात्रों के जारी आंदोलन के बीच जेपीएससी की विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर CID ने जांच तेज कर दी है। मामले में वांछित 7 अभियुक्तों की गिरफ्तारी और वारंट के तामिला के लिए CID की टीम ने राज्य के विभिन्न जिलों में छापेमारी की है।
संघीय व्यवस्था पर उठाया सवाल
पूर्व सीएम रघुवर दास ने आज एक बयान जारी कर कहा कि झारखंड के खनिज विशेष कर कोयला, बालू, पत्थर सिंडिकेट बनाकर लूटने वाले मुख्यमंत्री संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद केंद्र सरकार को धमकी दे रहे हैं।
क्रमिक आंदोलन की घोषणा
डुमरी विधायक जयराम महतो ने लोकसभा में पारित खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों ने प्रेस कांफ्रेंस कर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के उस बयान को गलत बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यहां कोई भी विद्यार्थी नहीं है। अभ्यर्थियों ने कहा कि हम सभी छात्र हैं और हम लोग डेलिगेशन के रूप में मोहराबादी गेस्ट हाउस में वार्ता क
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आज मेदिनीनगर के कचहरी परिसर में “झारखंड छात्र न्याय सत्याग्रह — लाठी का जवाब लोकतंत्र से” के तहत 10 अगस्त को रांची में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई एवं लाठीचार्ज के विरोध में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना एवं सत्याग्रह आयोज
जल संरक्षण, आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत बनाना सतत कृषि की आधारशिला है। किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को जलवायु अनुकूल बनाने के लिए जल एवं मृदा संरक्षण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।