द फॉलोअप डेस्क
राष्ट्रीय नारी शक्ति महिला संगठन ने सरकार से विधवा, परित्यक्ता और निराश्रित महिलाओं को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर 2500 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि मौजूदा महंगाई के दौर में 1000 रुपये की मासिक पेंशन से इन महिलाओं की जरूरतें पूरी होना मुश्किल है। जब 18 से 50 वर्ष की पात्र महिलाओं को मंईयां सम्मान योजना के तहत हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, तो विधवा और अन्य जरूरतमंद महिलाओं को इससे काफी कम राशि क्यों दी जा रही है।

पति की मौत के बाद बढ़ जाती हैं जिम्मेदारियां
रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय नारी शक्ति की अध्यक्ष आरती बेहरा ने कहा कि पति की मृत्यु के बाद महिलाओं के सामने आर्थिक और पारिवारिक जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ जाती हैं। बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन, किराया, बिजली का बिल और इलाज जैसे जरूरी खर्चों की जिम्मेदारी कई बार उन्हें अकेले उठानी पड़ती है। ऐसे में 1000 रुपये की पेंशन उनके लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार से सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि कम से कम 2500 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की।

योजनाओं में समानता की मांग
संगठन ने मंईयां सम्मान योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के बीच आर्थिक सहायता को लेकर समानता लाने की भी मांग की। आरती बेहरा ने कहा कि विधवा, परित्यक्ता और निराश्रित महिलाओं को भी सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। संगठन का कहना है कि पेंशन की राशि बढ़ाने से इन महिलाओं को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में कुछ राहत मिल सकेगी। कार्यक्रम में विधायक सीपी सिंह ने कहा कि नारी के बिना परिवार, समाज और देश की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके हित और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया।