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Followup Special News

यूं ही कोई मिल गया था......संगीत की दुनिया का वो सितारा जो आस्‍मां में खो गया

'''50 के दौर की कुछ और 'म्यूज़िकली सुपरहिट' फिल्में थीं- 'नया दौर', 'न्यू डेल्ही',' काला-पानी', 'यहूदी',और 'हावड़ा ब्रिज' (1958)। 60 के दशक की कुछ मशहूर फिल्में जो मीनू बाबा की रिकॉर्डिंग का कमाल है।

‘मुझको ये तेरी बेवफाई मार डालेगी....’ जानिये उस गायक की क्‍या थी असली प्रेम कहानी

'अताउल्ला खान का पूरा खेल एक गढ़ी गयी कहानी में छिपा है

सैटेनिक वर्सेज वाले सलमान रुश्दी का लेखन और उनकी प्रेम कहानियां

'तटस्थ नजरिए से देखें तो सलमान रुश्दी का होना यह बताता है कि हम एक में ही कई होते हैं। हममें ही अच्छाइयों की पराकाष्ठा होती हैं और बुराइयों की खाइयां भीं। रुश्दी के चरित्र के ये आयाम कई प्रसिद्ध लेखकों और व्यक्तित्वों की याद भी दिलाते हैं। कुछ साल पहले अप

अखिलेश के दौर में जल उठा बल्‍ब कब तक रोशन कर सकेगा उत्‍तर प्रदेश! UP से एक आकलन

आज फीता काट देना बड़ा आसान है, किसी एक आध गांव में लाइट आ जाने पर अपनी पीठ थपथपाना बड़ा आसान है,मगर ऐसा इंफ्रा डेवलप करना, जिससे यह ख़्वाब पूरे हो सकें, बहुत मुश्किल काम है। हमने यहाँ उनके इसी क्षेत्र में केवल चुटकी भर कामों का ज़िक्र किया है। अखिलेश यादव के

30 जून को चली जाएगी 131 व्यवासायिक प्रशिक्षकों की नौकरी, साहब! नियुक्ति वर्ष का जश्न मनाएं या बेरोजगारी का मातम

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत झारखंड के उच्च तथा प्लस टू विद्यालयों में कार्यरत 131 व्यवासायिक प्रशिक्षक 30 जून से बेरोजगार हो जाएंगे। कोरोना काल की इस मुश्किल घड़ी में उनके पास 30 जून के बाद कोई काम नहीं होगा क्योंकि इस परियोजना के संचालन का जि

संपादकीय डेस्‍क से: इरफान अंसारी के बयान से क्‍या नहीं आती रंगभेद की बू !

'इरफान अंसारी ने कल अपने एक वीडियो बयान में राज्य के पूर्व मंत्री व भाजपा एसटी/एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमर कुमार बाउरी को निशाना बनाया है।

प्रेरक प्रसंग: जानिये आखिर एक चरवाहे की किस बात पर फटी की फटी रह गई थीं टी एन शेषन की आंखें

'प्रकृति को जानना ही ज्ञान है। बहुत सी सूचनाओं के संग्रह से कुछ नहीं प्राप्त होता। जीवन तभी आनंददायक होता है जब ज्ञान और बुद्धि के साथ प्रकृति के प्रति संवेदना भी हो। आत्मीयता हो।

पाकिस्तानी तानाशाह ने दिया था "फ्लाइंग सिंख" का खिताब, जानिए! मिल्खा सिंह की अनसुनी कहानियां

'भारत के महान एथलिट दिवंगत मिल्खा सिंह ने देश को 4 बार एशियाई केलों में स्वर्ण पदक जीतवाया। साल 1958 में मिल्खा सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक जीता। 1960 के रोम ओलंपिंक मिल्खा सिंह चौथे स्थान पर रहे। इससे पहले 1956 और बाद में 1964 ओलंपि

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