भक्ति चाहे किसी की भी हो यदि आंखें खोल कर न की जाए तो बुरी ही होती है।
गैरबराबरी का कम होना देश और देश की सभी जातियों के हित में होगा।
'करोड़ों भारतीय वासियों के संघर्ष का परिणाम था
सरकार को तकनीकी विशेषज्ञों को सक्रिय करके विस्तृत नियमावली तैयार करनी चाहिए
'पंजशीर में अफ़ग़ान पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष की हत्या
मुुश्किल हालात में जर्नलिजम करना हो, तो अफगानिस्तान चले जाइए।
'हिंदी के वरिष्ठ लेखक असगर वजाहत की पाकिस्तान यात्रा
'तालिबान और भारत : आशंका नहीं संकल्प लेकर फ्रंटफुट पर खेलने का समय!
'हिंदी के वरिष्ठ लेखक असगर वजाहत का सफ़रनामा 'पाकिस्तान
1970 का दशक अफगान म्यूज़िक इंडस्ट्री का स्वर्णकाल था।आज इनका दुनिया भर में डंका बज रहा है।
मशहूर लेखक असग़र वजाहत ने पाकिस्तान यात्रा पर केंद्रित यह संस्मरण 2011-12 के दौरान लिखा