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Followup Special News

काबुल में भारत के दूतावास को बंद करने का कारण समझ से परे

तालिबान को क्या, अमेरिकियों को भी इल्म नहीं था कि अफगान-सेना इतनी जल्दी धराशायी हो जाएगी

दुनिया में आतंक नहीं आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के रास्‍ते से किया जा सकता है राज

अफगानिस्तान को बर्बाद करके यह विमर्श पीछे छोड़ जाती हैं कि 'अमेरिका कैसे और क्यों हारा?' "तालिबान ने साम्राज्यवाद को कैसे हरा दिया?"

अफगानिस्‍तान से भागे एक काबुलीवाले फ़नकार की कहानी उसकी ही ज़ुबानी

'अब हमारे लिए सब कुछ खत्म हो गया है, तालिबान ने फिर से कब्जा कर लिया

नक्सलवाद के कारणों को तलाशने के लिए जब एक पुलिस अधिकारी ने की पैदल यात्रा

लोगों का व्यवस्था से भरोसे का उठ जाना नक्सलवाद के उदय और विस्तार की मुख्य वजहें

भैया मेरे ..बंधन को निभाना....राखी जब फिल्‍मी गीतों में झिलमिल हुई

राखी पर बने गीतों ने एक तरह से  सिनेमा को समृद्ध किया है। भारतीय संस्कृति से हमें जोड़ने का काम किया है।

देशवासियों को आपसे बहुत आस और विश्‍वास है प्रधानमंत्री जी! 

'प्रधानमंत्री जी का कल्पना लोक जितना सुंदर है देश का यथार्थ उतना ही भयानक।

तालिबान को पाकिस्‍तानी कठपुतली समझनेवाले अफगान पठानों का मूल चरित्र नहीं समझते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कथन प्रशंसनीय है कि अफगानिस्तान के हिंदू और सिख तथा अफगान भाई-बहनों का भारत में स्वागत है।

विचार: बंगाली के बहुत बाद अब बिहार में गुजराती दबदबा की शुरुआत

उपनिवेशवादी मानसिकता आज़ादी के पूर्व बंगाली अभिजनों में थी। सूक्ष्मता से देखें तो उन्नीसवीं-बीसवीं शताब्दी में भारत दोहरी औपनिवेशिकता झेल रहा था।

धर्मांधता के शिकार अगर तालिबानी शरिया के बारे में जान जाएं तो कांप जाएंगे

मानव जाति के विकास या सिर्फ अस्तित्व में भी बने रहने का केवल एक ही विकल्प है वो है प्रगतिशील बने रहना।

लादेन और मुल्‍ला उमर से इंटरव्यू करने वाले हामिद मीर ने तालिबान पर क्‍या कहा, जानिये

'पाकिस्तान में प्रतिबन्धित पत्रकार, देह में दो गोलियाँ है।

गंगा में वज़ू कर नमाज़ और सरस्वती स्मरण के बाद छिड़ती शहनाई की तान

एक महान आत्मा और अज़ीम फ़नकार उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान की पुण्यस्मृति 

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