पटना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में अपनी सरकार का विश्वास मत पेश करेंगे। बतौर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पहला सत्र है। हालांकि संख्या बल को देखते हुए एनडीए सरकार की जीत तय मानी जा रही है। सदन के गणित को देखें तो सम्राट सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 122 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है। इसके उलट, सदन में एनडीए के पास वर्तमान में 201 विधायकों का मजबूत समर्थन हासिल है।

आंकड़ों में NDA का पलड़ा भारी
इस विश्वास मत के दौरान भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), रालोमो और 'हम' सहित एनडीए के सभी घटक दलों के विधायक उपस्थित रहेंगे। डीप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने भी आश्वस्त किया है कि सरकार को बहुमत हासिल करने में कोई कठिनाई नहीं होगी। हालांकि बिहार के राजनीति में इसे दुर्लभ संयोग के रुप में देखा जा रहा है। मात्र 6 महीने के भीतर दूसरी बार विश्वास मत पेश किया जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले दिसंबर 2025 में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने बहुमत सिद्ध किया था। अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी नई सरकार फिर से जनमत का विश्वास हासिल करने जा रही है। सचिवालय के निर्देशों के अनुसार, विधानसभा की कार्यवाही निर्धारित समय पर शुरू होगी।

एक्शन मोड में मुख्यमंत्री
पदभार ग्रहण करने के बाद से ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। शपथ के बाद वे न केवल जनता दरबार में आम लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं, बल्कि दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व से भी मुलाकात कर चुके हैं। वहीं गुरुवार को उन्होंने वित्त विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। जिसमें उन्होंने अधिकारियों को राजस्व संग्रह की नई संभावनाएं तलाशने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट का सही उपयोग और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है।