बिहार
जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सम्राट सरकार के विश्वास मत हासिल करने पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सम्राट सरकार को 202 विधायकों का बहुमत नहीं मिला है, बल्कि बिहार विधानसभा चुनाव के समय 10 हजार में खरीदे गए मत मिले हैं। जिसमें चुनाव आयोग भी संलिप्त है।

प्रशांत किशोर का आरोप
प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव के दौरान ‘बैक डोर’ से खरीदे गए बहुमत एनडीए को मिले है। इस दौरान उन्होंने ये आरोप लगाया कि जिन लोगों ने सदन में बहुमत दी है, उन्होंने ही पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद से हटाया है। साथ ही यह भी कहा कि बहुमत देने वालों ने अपने पसंद का मुख्यमंत्री चुन लिया। इस दौरान प्रशांत किशोर ने सीएम सम्राट चौधरी के चरित्र पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को निशाना बनाते हुए कहा कि उनकी ही समर्थन के बाद सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया गया है।

सरकार को बहुमत प्राप्त
बीते शुक्रवार को बिहार विधानसभा में विशेष सत्र बुलाया गया था। लगभग डेढ़ घंटे की चर्चा चली। इस दौरान पक्ष-विपक्ष दोनों तरफ से सवाल जवाब हुए। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी पर उनकी पाठशाला पर सवाल किया और उनकी सर्टिफिकेट को गलत करार दिया। हालांकि आरोप-प्रत्यारोप के बाद भी ध्वनिमत से सम्राट सरकार को बहुमत प्राप्त हुआ।