बिहार
पटना नीट छात्रा मौत मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को जमानत मिलने की खबर है। गौरतलब हो कि यह वही हॉस्टल है जिसमें मृत छात्रा रहती थी। हालांकि फिलहाल CBI की जांच जारी है। हॉस्टल के मालिक पर हत्या से जुड़े मामले के साक्ष्य मिटाने के आरोप है। गौरतलब हो कि छात्रा के मौत के तीन दिन बाद ही मनिष रंजन को गिरफ्तार किया गया था। जेल में बंद मनिष रंजन के वकीलों ने अदालत में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 187(2) का हवाला देते हुए डिफाल्ट बेल की मांग की गई थी।

आरोपी को रिहा करने की मांग
इस दौरान वकील की तरफ से यह दलील दी गई थी कि आरोपी के 90 दिनों तक जेल में बंद रहने के बावजूद भी पुलिस द्वारा अब तक कोई भी चार्जशीट दाखिल नहीं की गई। इसलिए अदालत के सामने यह मांग रखी गई थी कि मनीष को रिहा किया जाए। हालांकि इस दौरान पीड़िता पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुरेश चंद्र प्रसाद और वकील एसके पांडेय ने इसे चुनौती दिया था। अदालत में उन्होंने सबूत पेश करते हुए कहा था कि अभी आरोपी को जेल में 90 दिन नहीं बल्कि 89 दिन ही हुए हैं। इस पर अदालत ने भी अभियोजन पक्ष को सही करार देते हुए डिफॉल्ट जमानत के आवेदन को खारिज कर दिया था।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
दरअसल यह पूरा मामला 9 जनवरी का है। जहानाबाद की एक छात्रा पटना में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। हालांकि अचानक उसे शंभू गर्ल्स हॉस्टल में जहां वो रहती थी संदिग्ध परिस्थितियों में बेहोशी की हालत में मिली थी। हालांकि जब उसे अस्पताल ले जाया गया था तो इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजनों द्वारा हॉस्टल के मालिक पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी CBI को सौंप दी गई है। जांच के दौरान शंभू गर्ल्स हॉस्टल को सील कर दिया गया। वहीं संदिग्ध लोगों से लगातार पूछताछ भी की गई। इधर, मामले की सुनवाई कर रही POCSO कोर्ट ने जांच की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई और CBI अधिकारियों को जल्द से जल्द जांच पूरी करने के निर्देश दिए।