द फॉलोअप डेस्क
पटना के बांसघाट स्थित नए विद्युत शवदाह गृह परिसर का निर्माण पूरा हो गया है और अब इसके संचालन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह शवदाह गृह आधुनिक सुविधाओं से लैस है और अंतिम संस्कार के समय लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएंगी। शवदाह गृह में शव जलाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही अंत्येष्टि से जुड़ी सभी सामग्री और सेवाओं की कीमतें तय की जा रही हैं, ताकि अंतिम संस्कार में ज्यादा खर्च न करना पड़े। इसके लिए कोटेशन मांगे गए हैं और कम कीमत में अच्छी क्वालिटी की सामग्री देने वाले प्रदाताओं को फाइनल किया जाएगा। शवदाह गृह का निर्माण बुडको ने किया है और इसे मेंटेन करने तथा अन्य कामों के लिए पांच साल की जिम्मेदारी भी बुडको को दी गई है। संचालन के लिए ईशा फाउंडेशन से बातचीत जारी है।

वहीं मोक्ष द्वार के पास शवदाह गृह में अंत्येष्टि की सभी जरूरी सामग्री उपलब्ध होगी। इसमें शामिल हैं धोती, साड़ी, कपड़े (डीप गप्स क्लोथ, लेस गप्स क्लोथ, एकरंगा क्लोथ), राम नाम पट्टी, घी, चंदन की लकड़ी, देवदार, अगरबत्ती, कपूर, गुलाब जल, पंचमेवा, चुना, माचिस, जौ, हवन सामग्री और अन्य 45 प्रकार की सामग्री। पारंपरिक तरीके से अंतिम संस्कार के लिए सखुआ की लकड़ी (40 किलो), आम की लकड़ी (40 किलो) और प्रति झलसी पौधा भी तय कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा। परिसर में खाने-पीने की भी व्यवस्था की गई है। इसके लिए परिसर में दुकानों और कैंटीन की व्यवस्था की गई है। यहां पुड़ी, जलेबी, सब्जी, वेज थाली, रसगुल्ला, गुलाब जामुन सहित 13 प्रमुख खाद्य सामग्री उपलब्ध होगी। सभी वस्तुएं तय दर पर उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे अंतिम संस्कार में आए लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। यह नया आधुनिक शवदाह गृह पटना में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को सरल, सुव्यवस्थित और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार सुरक्षित बनाने में मदद करेगा।
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