द फॉलोअप डेस्क
बिहार की राजनीति में इस वक्त बड़ा हलचल देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं, जबकि 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इसी बीच गृह विभाग से जुड़ा एक पत्र चर्चा में आ गया है, जिसमें उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी मिलने वाली Z+ सुरक्षा का जिक्र किया गया है। इस पत्र के सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए तंज कसा। उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री की “असम्मानजनक विदाई” की कल्पना उनके समर्थकों ने भी नहीं की होगी।

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि इस्तीफे से पहले ही गृह विभाग और अधिकारी उन्हें भूतपूर्व मुख्यमंत्री मानकर तैयारी में जुट गए हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि आने वाले दिनों में और क्या-क्या देखने को मिलेगा, यह देखने वाली बात होगी। वहीं RJD के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को नीतीश कुमार पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने से परहेज करना चाहिए। 14 करोड़ बिहार की जनता नीतीश कुमार की चिंता करती है और उन पर भरोसा रखती है। जब प्रदेश में नई सरकार बनेगी तो भी नीतीश कुमार के दिशा-निर्देश पर चलेगी। ऐसी स्थिति में तेजस्वी यादव द्वारा राजनीतिक टिप्पणी किया जाना उनको शोभा नहीं देता। बहरहाल प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप जारी है।