द फॉलोअप डेस्क
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल बिहार दौरे पर थीं। राजगीर में नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति महोदया शामिल हुई थीं। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड) ने गया पहुंचने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा स्वागत के लिए नहीं पहुंचे। इसे लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गई है। पूर्णियां सांसद पप्पू यादव ने नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भाजपा को घेरते हुए कहा कि पिछले दिनों राष्ट्रपति के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान वहां की मुख्यमंत्री के स्वागत में नहीं आने पर भाजपा ने बुक्का फाड़ रोना-धोना किया था। पप्पू यादव ने नीतीश सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि BJP नेतृत्व को क्या अब लकवा मार गया है? बिहार में सीएम और डिप्टी सीएम कोई भी स्वागत में नहीं आये तो क्या यह आदिवासी समुदाय से आने वाली देश की महिला राष्ट्रपति का अपमान नहीं है।

मार्च के पहले सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पश्चिम बंगाल का दौरा किया था। दौरे में प्रोटोकॉल नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई थी। इसे लेकर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब मांगा था। यहां तक कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राष्ट्रपति के स्वागत में नहीं आने पर भाजपा ने इस पर टीएमसी को आड़े हाथों लिया। केंद्रीय गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर "ब्लू बुक" में बताए गए नियमों के उल्लंघन पर जवाब मांगा था। तो अब क्या हो गया?