बिहार
बिहार में अप्रैल महिने में ही गर्मी ने तेवर दिखाना शुरु कर दिया हैं। बीते दिनों राज्य के बक्सर जिला सर्वाधिक गर्म रहा। जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बाकि जिलों का पारा भी 40 डिग्री पार कर चुका है। मौसम विभाग ने बढ़ते पारा और लू के खतरे को देखते हुए लोगों को चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, जो तापमान आमतौर पर मई के दूसरे सप्ताह से जून के मध्य में देखा जाता था। वह अब अप्रैल में ही रिकॉर्ड किया जा रहा है।

पश्चिमी विक्षोभ की कमजोरी
दरअसल इसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ की कमजोरी और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमीयुक्त पुरवा हवाओं का धीमा पड़ना है। बारिश का सिस्टम न बन पाने के कारण प्रदेश के 10 से 12 शहरों में पारा 40 से 45 डिग्री के बीच बना हुआ है। जो जनस्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है। हालांकि आज 24 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच उत्तर, मध्य और पूर्वी बिहार के कई हिस्सों पश्चिम और पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा और दरभंगा में बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग का अलर्ट
इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। वहीं दक्षिण-पश्चिम बिहार में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। जहां तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है और लू की स्थिति भी बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, गया और नवादा जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। यहां तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।