द फॉलोअप डेस्क
बिहार में जेल अधिकारियों के लिए बेहतर और सुविधा सम्पन्न आवास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने 21 जेल परिसरों में 44 नए आवासीय भवन बनाने की योजना की घोषणा की है। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इसकी घोषणा करते हुए बताया कि सभी नए भवन बी-टाइप (G 3) के होंगे। प्रत्येक भवन की अनुमानित लागत 2 करोड़ 2 लाख रुपये निर्धारित की गई है। पूरी परियोजना की कुल अनुमानित लागत 88 करोड़ 89 लाख 76 हजार रुपये होगी। इस परियोजना का कार्यान्वयन वित्तीय वर्ष 2025-26 और आगामी वर्षों में किया जाएगा। विभागीय जानकारी के अनुसार नए आवासीय भवन में मोतिहारी में 4 भवन, पूर्णिया में 3 भवन, मुजफ्फरपुर, आरा, भभुआ, सिवान, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल, कटिहार, किशनगंज, सहरसा, बेगूसराय, जमुई, लखीसराय, मुंगेर, शेखपुरा, औरंगाबाद, नवादा में 2 भवन और बेतिया में 1 भवन का निर्माण कराया जायेगा। ये आवासीय भवन कारा अधिकारियों के लिए होंगे, जो जल्द ही जेल परिसरों में ही रह सकेंगे।

बिहार कारा हस्तक 2012 के नियमों के तहत मुख्य कक्षपाल और उससे ऊपर के अधिकारियों को किरायामुक्त आवास प्रदान किया जाना अनिवार्य है। योजना के अनुसार, 10 प्रतिशत कक्षपालों को पारिवारिक आवास, जबकि शेष को एकल आवासीय सुविधा मिलेगी। वर्तमान में राज्य में 5034 कक्षपाल पद स्वीकृत हैं, और इस आवासीय योजना के तहत मौजूदा और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा गया है। सम्राट चौधरी ने बताया कि हाल ही में पूर्वी चंपारण, अररिया, सारण, बेगूसराय और किशनगंज में कुल 46 करोड़ 47 लाख रुपये की लागत से थाना भवन और अन्य आधारभूत संरचना निर्माण की स्वीकृति दी गई है। अब इसी क्रम में 21 जेल परिसरों में 44 बी-टाइप आवासीय भवन का निर्माण कराया जाएगा, जिससे अधिकारियों को बेहतर जीवन और कार्य सुविधा सुनिश्चित होगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार के जेल अधिकारियों के लिए आवास संबंधी समस्याओं का समाधान होगा और वे अपने कार्यस्थल के पास ही सुरक्षित और सुविधा सम्पन्न आवास में रह सकेंगे। इससे जेल प्रशासन में कार्यकुशलता और अधिकारियों की संतुष्टि भी बढ़ेगी।
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