पटना
बिहार विधानसभा में आज एक दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन के दौरान बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। सत्र के दरम्यान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने औपचारिक रुप से विश्वास मत पास किया। सदन में विपक्ष के तीखे हमले के बीच ध्वनि मत से एनडीए ने अपना बहुमत पास करा ली।

सम्राट चौधरी सरकार पर लगी मुहर
दरअसल विपक्ष द्वारा सदन में मत विभाजन की मांग नहीं की गई, जिसके कारण एनडीए सरकार ने बिना वोट विभाजन के ही अपना बहुमत साबित कर दिया। इस तरह से बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार की स्थिरता पर औपचारिक मुहर लग गई। हालांकि इस दौरान सदन में बहस के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आक्रामक तेवर में नजर आए। उन्होंने विपक्ष द्वारा उठाए गए व्यक्तिगत और राजनीतिक सवालों का पलटवार भी किया। विपक्ष द्वारा उनकी डिग्री को लेकर उठाए गए सवालों पर उन्होंने कहा कि उनके दस्तावेज पूरी तरह पारदर्शी हैं और विपक्ष के आरोप में कोई दम नहीं है। साथ ही उन्होंने गठबंधन के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि सत्ता का वर्तमान स्वरूप लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुभव और मार्गदर्शन की भी सराहना की।

भविष्य की योजनाओं का खाका
इस दौरान सीएम ने राज्य के विकास के लिए कई घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक प्रखंड में एक डिग्री कॉलेज खोला जाएगा। जिससे ग्रामीण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए भटकना न पड़े। राज्य में 11 नई टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जो आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस होंगी। सीएम ने यह भी कहा कि राज्य में हो रहे भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए अब थाना, ब्लॉक और अंचल स्तर के कामकाज की सीधी मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से की जाएगी।