बिहार :
भूमिहार बैठकी, गांधी मैदान’ के सफल एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 52वें रविवार को पटना में पहली बार भव्य भूमिहार परिवार मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर समाज के कई वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि एवं सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सामाजिक एकजुटता, आपसी सहयोग और सौहार्द को बढ़ावा देना रहा। संगठन के संस्थापक अंकित चन्द्रायण ने कहा कि पटना शहर के सभी मोहल्लों में सदस्यता अभियान चलाकर भूमिहार समाज के प्रत्येक परिवार को एक-दूसरे से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समाज के लोगों को इलाज के दौरान पटना में ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छत के नीचे आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े व्यवसायियों को आपस में जोड़ने की पहल की जा रही है, ताकि सभी लोग आर्थिक रूप से सुदृढ़ बन सकें और नए लोगों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
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संस्थापक ने घोषणा की कि पटना में जल्द ही ‘भूमिहार बैठकी’ द्वारा एक पुस्तकालय की स्थापना की जाएगी, जहाँ 100 से अधिक बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा की सुविधा प्रदान की जाएगी। अंकित चन्द्रायण ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित भारत सरकार की योजनाएं स्किल इंडिया मिशन, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। इन पहलों का लाभ समाज के युवाओं को भी मिल रहा है, जिससे वे रोजगार तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि संगठन समाज के हर परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और युवाओं को प्रशिक्षण, उद्यमिता तथा स्वरोजगार योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि केवल सरकारी नौकरियाँ ही सफलता का मार्ग नहीं हैं, बल्कि स्वरोजगार, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में भी असीम संभावनाएँ मौजूद हैं।

चन्द्रायण ने विश्वास व्यक्त किया कि समाज के लोगों के समन्वित प्रयासों से भूमिहार समाज सामाजिक रूप से संगठित, सौहार्दपूर्ण और आत्मनिर्भर बनेगा तथा राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज के युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप अवसर प्रदान करना है, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अजय जी, पुरुषोत्तम जी, दीपक जी, सुजीत जी, युगल जी, नीरज जी, रामजन्म जी, सुमंत जी, किशोर जी, अभिजीत जी सहित सैकड़ों सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे।