द फॉलोअप डेस्क
बिहार के प्रशासनिक गलियारे में अधिकारियों की कमी से जूझ रहे सिस्टम को जल्द ही 25 नए IAS अधिकारियों की एंट्री से राहत मिलने जा रही है। इनमें यूपीएससी की सीधी भर्ती से आए 11 युवा अधिकारी और बिहार प्रशासनिक सेवा से प्रमोशन पाए 14 अनुभवी अधिकारी शामिल हैं। 17 अप्रैल 2026 तक इन अधिकारियों का बिहार कैडर में योगदान शुरू हो जाएगा। ज्वाइनिंग के तुरंत बाद इन्हें उन जिलों में तैनात किया जाएगा, जहां विकास कार्यों की रफ्तार धीमी है। नए IAS अधिकारी वरिष्ठ जिलाधिकारियों के मार्गदर्शन में फील्ड स्तर पर काम संभालेंगे। युवा अधिकारियों की नई सोच और प्रमोट हुए अधिकारियों का अनुभव मिलकर सुशासन के संकल्प को और मजबूत करेगा। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए इन 25 अधिकारियों को विशेष टास्क दिए जा सकते हैं।ये सभी अधिकारी फिलहाल लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन्हें बिहार कैडर में विभिन्न जिम्मेदारियों के लिए तैनात किया जाएगा। शुरुआती दौर में ये अधिकारी वरिष्ठ अफसरों के मार्गदर्शन में काम करेंगे। सिर्फ युवा जोश ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यों का अनुभव रखने वाले 14 अधिकारियों को भी BIPRS से IAS में प्रमोशन दिया जा रहा है।
मई-जून 2026 तक इनकी तैनाती भी पूरी हो जाएगी। वर्तमान में बिहार में कुल 359 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 280 IAS अधिकारी ही कार्यरत हैं, जिनमें से लगभग 30 अधिकारी दिल्ली में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति डिपुटेशन पर हैं। ऐसे में इन 25 नए अधिकारियों के आने से संख्या बढ़कर 305 हो जाएगी। इससे उन वरिष्ठ अधिकारियों को राहत मिलेगी, जो वर्तमान में एक साथ कई विभागों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। नए अधिकारियों की नियुक्ति से काम का दबाव कम होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। इन नए अधिकारियों का सेवा कार्यकाल 2056 से 2061 तक रहेगा।
