मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में पानी और बिजली की भारी कमी के कारण डायलिसिस जैसी जीवनरक्षक प्रक्रिया को तय समय से पहले ही रोक दिया जा रहा है. ऐसे में मरीजों की जान जोखिम में पड़ती नजर आ रही है