BY Thefollowup Oct 04, 2020
झारखंड शायद पहला ऐसा राज्य होगा जहां कि राज्य गठन के बाद से ही सचिवालय में स्वीकृत पदों को भरने का कभी प्रयास नहीं किया गया 20 सालों के अंदर किसी भी सरकार ने इसपर गंभीरता नहीं दिखाई