जमशेदपुर:
पूर्वी सिंहभूम के सुदूर ग्रामीण अंचल से एक ऐसी सफलता की कहानी सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि अभाव नहीं, बल्कि लक्ष्य के प्रति जुनून ही मंजिल तय करता है। बनकटा पंचायत के कैमी गांव के रहने वाले ओम कुमार ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 98.40 प्रतिशत अंक हासिल कर जिला टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बहरागोड़ा के छात्र ओम ने कुल 500 में से 492 अंक अर्जित किए। ओम कुमार ने संस्कृत और गणित में 99-99 अंक, विज्ञान में 98, अंग्रेजी में 97 और हिंदी में 92 अंक हासिल किए हैं। यह परिणाम न केवल उनकी मेहनत का प्रमाण है, बल्कि ग्रामीण परिवेश में शिक्षा की संभावनाओं को भी रेखांकित करता है।

प्रतिदिन 19 घंटे पढ़ाई करते थे ओम
ओम एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता कमलाकांत कर (पप्पू) सीमित संसाधनों में परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे माहौल में ओम ने अनुशासन और समर्पण के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई। वे बताते हैं कि उन्होंने प्रतिदिन लगभग 19 घंटे पढ़ाई की और मोबाइल का उपयोग केवल पढ़ाई तक सीमित रखा।
माता-पिता और शिक्षक को दिया सफलता का श्रेय
अपनी सफलता का श्रेय ओम ने माता-पिता के त्याग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और ट्यूशन शिक्षकों हरिहर मैती, हेमंत कर और समीर गिरी की भूमिका को दिया है। साथ ही, मामा लोकेश कर के सहयोग को भी उन्होंने अपनी तैयारी में अहम बताया। ओम का लक्ष्य आगे चलकर इंजीनियर बनना है। विद्यालय स्तर पर भी छात्रों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा।
कौशिक शीट और शयन करण ने 95.40 प्रतिशत अंक लाकर संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि मौसमी साहू और प्रज्ञान पैरा ने 94.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक बासुदेव प्रधान और संकुल प्रमुख अशोक नायक ने सभी सफल छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि ओम की सफलता पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को भी कठिन परिस्थितियों के बावजूद आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।