सिमडेगा
अंतरराष्ट्रीय हॉकी (International Hockey) के मैदान पर अपनी प्रतिभा और मेहनत का लोहा मनवाकर एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026) में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतने वाली खेल की नगरी सिमडेगा की तीन बेटियों सलीमा टेटे, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग के शनिवार को अपनी धरती पर लौटने से जिले में उत्साह और गर्व का माहौल छा गया। सिमडेगा एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम (Astroturf Stadium) के समीप जिला प्रशासन (District Administration) की ओर से आयोजित स्वागत समारोह (Welcome Ceremony) में तीनों खिलाड़ियों का भव्य अभिनंदन किया गया। डीसी कंचन सिंह सहित जिले के अधिकारियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

सफलता ने सिमडेगा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है
इस अवसर पर डीसी कंचन सिंह ने तीनों खिलाड़ियों की उपलब्धि को सिमडेगा के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर स्वर्ण पदक हासिल करना उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उनकी सफलता ने सिमडेगा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धि जिले के युवाओं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है। इससे यह संदेश मिलता है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर अभ्यास के बल पर बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने और जिले का गौरव बढ़ाते रहने के लिए शुभकामनाएं दीं। भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने अपनी धरती पर मिले सम्मान और स्वागत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिले की अन्य बेटियों को भी खेल के क्षेत्र में आगे आने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सिमडेगा में प्रतिभा की कमी नहीं है। यहां की बेटियों को अपने सपनों पर विश्वास रखते हुए मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में सिमडेगा की और भी बेटियां अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करेंगी।
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सिमडेगा में है समृद्ध हॉकी परंपरा
ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग की सफलता भी सिमडेगा की समृद्ध हॉकी परंपरा और यहां की खेल प्रतिभाओं की क्षमता को रेखांकित करती है। तीनों खिलाड़ियों ने अपनी उपलब्धि से साबित किया है कि अवसर, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां भी दुनिया के बड़े खेल मंचों पर अपनी पहचान बना सकती हैं। तीनों स्वर्ण पदक विजेताओं का स्वागत स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए यादगार पल बना। उनकी सफलता ने जिले में हॉकी के प्रति उत्साह को और मजबूत किया है। स्वर्ण पदक के साथ अपनी धरती पर लौटीं इन बेटियों का अभिनंदन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि सिमडेगा की आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरक संदेश भी है कि मेहनत और हौसले से सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है।
