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5 अगस्त 2019 से 28 फरवरी 2021 के बीच सीजफायर में 31 नागरिकों की गई जान, 39 जवान शहीद

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द फॉलोअप टीम, दिल्ली: 
संसद में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया कि 5 अगस्त 2019 से 28 फरवरी 2021 के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हुये सीजफायर उल्लंघन में 31 भारतीय नागरिकों और 39 सुरक्षाकर्मियों की जान गयी। गृह मंत्रालय ने बताया कि जम्मू कश्मीर से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास पाकिस्तान द्वारा बार-बार संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया जाता है। गृह मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तानी सेना सीमा पार से दशकों से गोलीबारी कर रही है। 

24 फरवरी को हुआ संघर्ष विराम समझौता
बता दें कि अभी हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर से संघर्ष विराम समझौता किया गया है। दोनों देशों के बीच डीजीएमओ स्तर की वार्ता के बाद सीजफायर समझौता हुआ। समझौते में कहा गया था कि 25 फरवरी की रात से लाइन ऑफ कंट्रोल सहित दूसरे सीमावर्ती सेक्टर्स में सीजफायर का पालन करना होगा। बता दें कि 2003 से ही भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौता है लेकिन पाकिस्तान बार-बार यहां सीजफायर का उल्लंघन करता है। 



सीमापार आतंकी गतिविधि बर्दाश्त नहीं होगी! 
भारत सरकार ने कहा कि सीजफायर का उल्लंघन किया गया है लेकिन इसका कतई मतलब नहीं है कि सीमापार से हो रही आतंकवादी गतिविधियों में किसी भी प्रकार की छूट दी जायेगी। भारतीय सैन्य अधिकारियों ने कहा कि सीमा पर सैनिकों की संख्या कम नहीं की जायेगी और ना ही हथियारों की तैनाती घटाई जायेगी। भारतीय सैन्य अधिकारियों ने कहा कि सीमापार आतंकवाद या सीजफायर उल्लंघन का कड़ाई से जवाब दिया जायेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच हुये समझौते के मुताबिक किसी भी प्रकार की अप्रत्याशित घटना से निपटने के लिये हॉटलाइन संपर्क या फ्लैग मीटिंग का सहारा लिया जायेगा। डीजीएमओ स्तर की वार्ता भी होगी।  

आतंक से निपटने के लिये खास तैयारी
इस बीच गृह मंत्रालय ने संसद में आतंकवादी गतिविधियों और उससे निपटने की तैयारियों पर भी रिपोर्ट पेश की। गृह मंत्रालय ने बताया कि आतंकवादी अब अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करने लगे हैं। आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिये सरकार लगातार प्रयासरत है। तमाम जरूरी संसाधन, उपकरण, आधुनिक तकनीक आदिस से सुरक्षाबलों और खुफिया एजेंसियों को लैस किया जा रहा है।