द फॉलोअप टीम, रांची:
हाल ही में राजधानी रांची में एक फल विक्रेता अजय कुमार अग्रवाल की नाली में बह जाने से मौत हो गई थी। जिसके बाद से ही लोगों ने रांची नगर निगम पर कई सवाल खड़े किये थे। झारखण्ड में मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने भी नगर निगम के ढीले-ढाले रवैये को लेकर सरकार पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया था। रांची से सांसद संजय सेठ ने तो बीते शनिवार को रांची की एक सड़क पर बहते हुए नाली के गंदे पानी में धनरोपनी की और सरकार का प्रतीकात्मक तौर पर घेराव किया। जाहिर है सरकार के साथ-साथ नगर निगम को भी पिछले कई दिनों से तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी सिलसिले में शहर में साफ़-सफाई को लेकर नगर निगम के महापौर कार्यालय से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है, जिसमे मेयर डॉ. आशा लकड़ा ने शहर में साफ़-सफाई की वर्त्तमान स्थिति को देखते हुए 21 सितम्बर को समीक्षा बैठक बुलाई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक आज यानी सोमवार को पत्र के माध्यम से बैठक को लेकर नगर आयुक्त को भी सूचना दे दी गई है। बैठक में शामिल होने के लिए सहायक स्वास्थ्य पदाधिकारी व कार्यालय अधीक्षक को भी प्रेस विज्ञप्ति की एक प्रतिलिपि भेजी गए है।

बैठक में इन दो एजेंसियों को भी होना होगा शामिल
मेयर डॉ आशा लकड़ा ने पत्र के जरिये नगर आयुक्त को सूचित करते हुए कहा है की M/S Zonta Infratech Private Limited और M/S CDC के प्रतिनिधि व संबंधित अधिकारी भी बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों। प्राप्त जानकारी के मुताबिक M/S Zinta Infratech Private limited और PMC Infra Inn का निर्देशक एक ही व्यक्ति है। नगर निगम को इसकी सूचना एक निजी अख़बार के माध्यम से मिली थी। तभी इस मामले में मेयर ने 8 सितमबर को ही पत्र के माध्यम से नगर आयुक्त को कंपनी की संबंधित निविदा रद्द करने का निर्देश दिया गया था। पर निर्देश के बावजूद इस सम्बन्ध में नगर आयुक्त के द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया गया था।

मेयर ने नगर आयुक्त पर लगाया आरोप
इसी तरह पिछले साल 21 दिसंबर को MV Enterprises ने नगर आयुक्त को कंपनी M/S CDC के खिलाफ कई अनियमितता और गड़बड़ियों को लेकर पत्र द्वारा शिकायते दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग भी की थी, पर इस मामले में जांच को लेकर नगर आयुक्त द्वारा मेयर डॉ. आशा लकड़ा को कोई जानकारी नहीं दी गई। मेयर ने साफ़- साफ़ कहा है कि सफाई कार्य से संबंधित इन दोनों एजेंसियों की कार्यशैली व निविदा में चयनित होने की प्रक्रिया अब तक संदिग्ध है। मेयर डॉ. आशा लकड़ा ने दोनों ही कंपनियों की कार्यशैली और सम्बंधित जाँच को लेकर कहा की नगर आयुक्त इस विषय पर न तो कुछ स्पष्ट जवाब दे रहे हैं और न ही संबंधित एजेंसियों पर उचित कार्रवाई कर रहे हैं। मेयर ने साथ-साथ दोनों हीं एजेंसियों पर हमलावर होते हुए कहा कि नगर की साफ़-सफाई और नरकीय स्थिति के लिए दोनों एजेंसियां ही जिम्मेवार है।