पूर्वी सिंहभूम
पूर्वी सिंहभूम जिले के सरकारी शिक्षक इन दिनों आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। मार्च और अप्रैल महीने का वेतन अब तक नहीं मिलने से शिक्षकों के सामने आजीविका चलाने तक की परेशानी खड़ी हो गयी है। शनिवार को इसी नाराजगी और बेबसी के बीच शिक्षक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) मनोज कुमार का घेराव कर जल्द वेतन भुगतान की मांग उठायी। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना था कि लगातार दो महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति चरमरा गयी है। कई शिक्षकों ने घर, वाहन या बच्चों की पढ़ाई के लिए बैंक से लोन लिया हुआ है, लेकिन वे किस्त जमा नहीं कर पा रहे हैं। इससे लोन खाते बाउंस हो रहे हैं और बैंक की ओर से नोटिस तक मिलने लगे हैं। वहीं कई शिक्षकों के बच्चों की स्कूल फीस भी लंबित हो गयी है।

विपत्र पर हस्ताक्षर नहीं होने के कारण वेतन भुगतान अटका
शिक्षकों ने सवाल उठाया कि जब वे नियमित रूप से स्कूलों में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, तो फिर वेतन भुगतान में देरी की सजा उन्हें क्यों भुगतनी पड़ रही है। उनका आरोप है कि डीईओ कार्यालय स्तर पर विपत्र पर हस्ताक्षर नहीं होने के कारण वेतन भुगतान अटका हुआ है। ऐसे में प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों में खासा आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले शिक्षक आज अपने ही अधिकार के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द वेतन भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जायेगा। शिक्षकों ने डीईओ से अविलंब सभी लंबित वेतन जारी करने की मांग करते हुए कहा कि आर्थिक तनाव के बीच शिक्षण कार्य प्रभावित होना स्वाभाविक है, लेकिन इसके बावजूद शिक्षक अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
