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जहरीली शराब मामले में सीएम नीतीश कुमार ने कहा है  किसी भी हालत में दोषी बख्शे नहीं जाएंगे

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द फॉलोअप टीम, बेतिया:

बिहार में जहरीली शराब मामले में सीएम नीतीश कुमार ने चुप्पी तोड़ते हुए बयान जारी किया है। उन्होने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि किसी भी हालत में दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। शराबबंदी कानून को कमजोर करने वालों पर पुलिस कठोर कार्रवाई करेगी। सीएम ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी को सरकार ने सख्ती से लागू किया है। लेकिन फिर से लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। 


ये लोग रहे मौजूद
आज की बैठक में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री सुनील कुमार, सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार व चंचल कुमार, मुख्य सचिव त्रिपुरारि शरण, डीजीपी एसके सिंघल, गृह-सह-मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार उपस्थित थे।


 

दो लोग हुए है सस्पेंड
जहरीली शराब से मौत मामले में मौत की कुल संख्या बढ़ कर 38 हो गई है। इसी पर सोई हुई बिहार सरकार ने राज्य में शराब की खपत के खिलाफ नए सिरे से जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया है। फिलहाल पुलिस ने अवैध शराब की बिक्री के मामले में दोषियों को गिरफ्तार किया है। मालूम हो अब तक बेतिया में 15, गोपालगंज में 11 और मुजफ्फरपुर और हाजीपुर में छह-छह लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि बिहार पूर्ण शराब बंदी वाला राज्य है।  इस मामले में गोपालगंज SP आनंद कुमार ने महम्मदपुर थानाध्यक्ष शशि रंजन कुमार और एक चौकीदार को सस्पेंड किया है, वहीं बेतिया के नौतन थानेदार और चौकीदार को भी सस्पेंड किया गया है। 


3 घरों को सील किया गया है
जिला प्रशासन ने गोपालगंज में 3 घरों को सील किया है, जबकि चार धंधेबाज को गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, पंचायत चुनाव के दौरान शराब की मांग  बढ़ी है। इस वजह से शराब माफिया ने कलर और स्प्रिट की मात्रा बढ़ा दी। देसी शराब को गलत तरीके से बनाकर पिलाने की वजह से लोगों की जानें जा रही हैं। गौरतलब है कि बिहार में 5 अप्रैल 2016 को शराबबंदी हुई। तब से अब तक 123 लोगों की मौत शराब पीने से हुई है। 2016 से 2020 तक 35 लोगों की मौत हुई थी। 2016 से अब तक सिर्फ गोपालगंज में 36 लोगों की मौत जहरीली शराब से होने की बात सामने आ रही है। 15-16 अगस्त 2016 को खजूरबानी में शराब पीने से कई लोगों की मौत हुई थी जिसकी पुष्टि कोर्ट में हो गई थी। मामले में 5 मार्च 2021 को स्पेशल कोर्ट ने 9 को फांसी दी और 4 को उम्रकैद मिली।