द फॉलोअप डेस्क:
छत्तीसगढ़ में पेंशन के लिए एक महिला अपनी 90 वर्षीय सास को पीठ पर लादकर 9 किमी पैदल चलकर बैंक पहुंची। प्रदेश के सरगुजा जिला के मैनपाट स्थित कुनिया जंगलपारा की सुखमनिया बाई चिलचिलाती धूप में अपनी सास को पीठ पर लादकर नर्मदापुर स्थित सेंट्रल बैंक पहुंची ताकि पेंशन की राशि निकाल सके। सुखमनिया ने बताया कि उसकी सास को 3 महीने के 1500 रुपये बतौर पेंशन मिलेंगे। महिला ने बताया कि वह गांव से सुबह 8 बजे ही चली थी और पैदल नर्मदापुर तक पहुंचने में दोपहर हो गई।
छत्तीसगढ़ | सरगुजा ब्रेकिंग
— Sushil Pandey (@SushilP66359876) May 24, 2026
सरगुजा जिले के मैनपाट से व्यवस्था की संवेदनहीनता की मार्मिक तस्वीर सामने आई है। ग्राम कुनिया के जंगलपारा में एक बहू अपनी 90 वर्षीय बुजुर्ग सास को पीठ पर लादकर पेंशन दिलाने बैंक पहुंचने को मजबूर है।
बताया जा रहा है कि सुखमनिया बाई हर महीने करीब 9… pic.twitter.com/XfwmH66M38
कुनिया जंगलपारा में आवागमन का साधन नहीं
महिला का दावा है कि कुनिया जंगलपारा से बैंक जाने के लिए आवागमन का कोई साधन नहीं है और इसलिए सास को पीठ पर लादकर पैदल चलना पड़ा। महिला ने बताया कि पहले पेंशन और राशन घर पर ही मिल जाता था, लेकिन बीते कुछ महीनों से यह व्यवस्था नहीं रही। महिला ने बताया कि उसे महतारी वंदन योजना का लाभ भी नहीं मिलता है। सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि गुड गर्वनेंस का दावा कागजी नहीं होना चाहिए बल्कि इसे धरातल पर भी दिखना चाहिए। लोगों ने व्यवस्था को जमकर कोसा है।

सोशल मीडिया पर वीडियो पर छिड़ी बहस
गौरतलब है कि पिछले दिनों ऐसी ही एक तस्वीर ओडिशा से सामने आई थी, जहां एक अधेड़ व्यक्ति अपनी बहन की लाश को कब्र से निकालकर बैंक ले गया था, क्योंकि बहन की बचत के पैसों को निकालने के लिए बैंक खाताधारक को लाने को कह रहा था।