द फॉलोअप डेस्क:
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भारतीय सीमा सुरक्षा बल के जवानों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट के माध्यम से पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती भारत की सीमा को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गश्ती पर तैनात जवानों को तकनीकी सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से बॉर्डर पर ड्रोन, रडार और अत्याधुनिक कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 1 साल से भी कम समय में बांग्लादेश और पाकिस्तान की सीमा पर स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट के जरिये मजबूत रक्षापंक्ति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग से बीएसएफ के जवानों का काम आसान हो जायेगा।

तकनीक के साथ कदमताल से रक्षा मजबूत
गृहमंत्री ने कहा कि बदलते वक्त में जितनी तेजी से तकनीक में बदलाव आ रहा है तो उसे रक्षाक्षेत्र में भी इस्तेमाल करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तकनीक से कदमताल डिफेंस में भारत को और मजबूत बनाएगा। अमित शाह ने कहा कि गृहमंत्री के प्रयासों से प्रोजेक्ट काफी करीब है। उन्होंने कहा कि फेंसिंग के अलावा सीमा पर ड्रोन, रडार और अत्याधुनिक कैमरा पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगती भारत की सीमा को और मजबूत बनाएगा। उन्होंने कहा कि हम यह जल्दी करने वाले हैं।

बीएसएफ को मिलेगा टेक्नोलॉजी का सपोर्ट
अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ का शौर्य, पराक्रम, साहस और समर्पण अदम्य है। इसे तकनीक का सपोर्ट मिलेगा तो स्थिति और मजबूत होगी। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के समय बीजेपी ने वादा किया था कि बांग्लादेश के साथ लगती सीमा पर लंबी फेंसिंग की जाएगी। इसके लिए जमीन अधिग्रहण भी किया जाएगा। गौरतलब है कि अवैध घुसपैठ का मुद्दा अक्सर गरमाता है।