मध्य प्रदेश
तिरुवनंतपुरम से हजरत निजामुद्दीन जा रही ट्रेन संख्या 12431 राजधानी एक्सप्रेस के B-1 AC कोच में रतलाम के पास आज सुबह करीब 5:15 बजे अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरी बोगी धू-धूकर जल उठी। यह दर्दनाक हादसा मध्य प्रदेश में लूणी रिछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशनों के बीच हुआ, जिसके बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ट्रेन से उठती तेज लपटें और काला धुआं देखकर हड़कंप मच गया। हालांकि, रेलवे स्टाफ और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से मात्र 15 मिनट के भीतर कोच में सवार सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित निकालकर दूसरे डिब्बों में शिफ्ट कर दिया गया। फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया है; इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और रेलवे प्रशासन ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इस हादसे के बाद देश के राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
त्रिवेंद्रम-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने की बेहद भयावह तस्वीरें सामने आई हैं, जिसने यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
— Congress (@INCIndia) May 17, 2026
• ये आग कैसे लगी?
• सुरक्षा में कहां चूक हुई?
मोदी सरकार और रेलवे प्रशासन को इसकी तत्काल जांच कर, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी… pic.twitter.com/8Q37Ccdmmy
सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही और राजनीतिक प्रतिक्रिया
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस (INC) समेत कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर गहरा दुख और रोष व्यक्त किया है। पोस्ट में साझा करते हुए लिखा है कि ये आग कैसे लगी और सुरक्षा में कहां चूक हुई? मोदी सरकार और रेलवे प्रशासन को इसकी तत्काल जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है; इसके साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। आलोचकों का कहना है कि यह घटना इस बात का साफ संकेत है कि भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था इस समय गंभीर लापरवाही का शिकार हो चुकी है।
जांच और जवाबदेही तय करने की मांग
घटना की भयावहता को देखते हुए अब सरकार और रेलवे प्रशासन से तत्काल प्रभाव से जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है। विपक्षी दलों और जनता ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से अपील की है कि वे कैमरों और विज्ञापनों की दुनिया से बाहर निकलकर जमीनी स्तर पर रेलवे की सुरक्षा, पटरियों और बोगियों के रखरखाव पर ध्यान दें, ताकि यात्रियों का भरोसा फिर से मजबूत हो सके। इसके साथ ही इस बात की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी जोर पकड़ रही है कि आखिर यह आग कैसे लगी और सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कहाँ हुई, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके।