दिल्ली:
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने पार्टी में अपने पद सहित प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। गुलाम नबी आजाद ने अपना इस्तीफा पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया है। आजाद ने इस्तीफे में अपनी नाराजगी की वजह बताई है और पार्टी छोड़ने का कारण भी बताया है। आजाद ने पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पूरे प्रकरण पर पूर्व कांग्रेस नेता और अब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने प्रतिक्रिया दी है।

हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
हिमंता बिस्वा सरमा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि गुलाम नबी आजाद की चिट्ठी और मेरे द्वारा 2015 में लिखी गई चिट्ठी को यदि आप पढ़ेंगे तो काफी समानताएं मिलेंगी। कांग्रेस पार्टी में सभी जानते हैं कि राहुल गांधी अपरिपक्व नेता हैं। सोनिया गांधी पार्टी की ठीक तरह देखभाल नहीं कर पा रहीं। वे केवल अपने बेटे को आगे बढ़ाने की कोशिशों में लगी हैं।
Assam | If you read GN Azad's letter & the letter I wrote in 2015, you'll find a lot of similarities. In Congress, everyone knows Rahul Gandhi is immature. Sonia Gandhi is not taking care of the party, she's only trying to promote her son. It is a futile attempt: CM HB Sarma pic.twitter.com/ugN53PImFw
— ANI (@ANI) August 26, 2022
कांग्रेस में केवल गांधी परिवार के वफादार रहेंगे
हिंमता बिस्वा सरमा ने कहा कि सोनिया गांधी द्वारा लगातार राहुल गांधी को आगे बढ़ाने की कोशिशों की वजह से ही पार्टी के कई वफादार नेता इसे छोड़ रहे हैं। हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि मैंने भविष्यवाणी की थी कि कांग्रेस में केवल गांधी परिवार के लोग रहेंगे और यही हो रहा है। हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राहुल गांधी वास्तव में भारतीय जनता पार्टी के लिए वरदान हैं।
गुलाम नबी आजाद ने लगाए कई गंभीर आरोप
दरअसल, बीते काफी लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया है कि 2013 में जब से पार्टी में राहुल गांधी की एंट्री हुई है, पार्टी तबाह होना शुरू हो गई। शिकायतों पर गौर नहीं किया जाता। सुझावों पर अमल नहीं किया जाता। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी केवल और केवल चापलुसों का अड्डा बनकर रह गई है।