द फॉलोअप डेस्क:
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवादों में घिर गये हैं। दरअसल, रविवार को पटना में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी सरकार और उनकी नीतियों की आलोचना कर रहे थे। वह केंद्र सरकार को हटाने की बातें कर रहे थे कि तभी बापू सभागार में एक शख्स खड़ा हुआ और कहने लगा कि जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, मोदी सरकार नहीं हटेगी। उस शख्स ने कहा कि मोदी जी नहीं जाने वाले है। इसके जवाब में मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि "मोदी क्या, उसका बाप भी जायेगा"। यह बात मल्लिकार्जुन खड़गे ने 3 बार दोहरा दी।
मामला यहीं नहीं थमा। बापू सभागार में मौजूद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उस शख्स की पिटाई कर दी। गौरतलब है कि यह पूरा वाकया बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के मौके पर राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह द्वारा आयोजित कार्यक्रम का है।

बापू सभागार में कांग्रेस कार्यकर्ता की ही पिटाई कर दी
इस बीच वह शख्स भी सामने आया जिसकी बापू सभागार में पिटाई कर दी। शख्स ने बताया कि वह छपरा का रहने वाला है और उसका नाम संतोष कुमार है। उसने कहा कि मैं बताना चाहता था कि जिस प्रकार से प्रधानमंत्री शासन चला रहे हैं, केवल विद्रोह के जरिए ही उनको हटाया जा सकता है। उनके कथन का गलत मतलब निकाला गया और सभागार में मौजूद लोगों ने भाजपाई समझकर उसकी पिटाई कर दी। संतोष कुमार ने कहा कि जो भी हुआ वह गलतफहमी की वजह से हुआ। संतोष कुमार ने खुद को राष्ट्रवादी बताते हुए कहा कि मैं राष्ट्र और समाज के लिए आवाज उठाता रहूंगा। इस बीच मल्लिकार्जुन खड़गे अपने बयान को लेकर चौतरफा घिर गये हैं।

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने टिप्पणी की आलोचना की
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसी घटिया भाषा कांग्रेस के नैतिक और वैचारिक पतन की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की समस्या केवल पीएम मोदी से नहीं है, बल्कि उसकी असली समस्या उस आम भारतीय से है जिसने वंशवाद का सिंहासन हिलाकर एक साधारण परिवार के बेटे को देश का प्रधानमंत्री बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही सच है कि कांग्रेस का दरबारी अहंकार आज तक स्वीकार नहीं कर पाया है। रखा गुप्ता ने कहा कि देश का आम ननागरिक अपने वोट की ताकत जानता है और अपना भविष्य भी। उसे पूरा विश्वसा है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत, विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम के परिवार पर ऐसी अभद्र टिप्पणी करना राजनीतिक साहस नहीं, वैचारिक दरिद्रता है।
श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी, ऐसी घटिया भाषा कांग्रेस के नैतिक और वैचारिक पतन की पराकाष्ठा है। कांग्रेस की समस्या सिर्फ मोदी जी से नहीं है। उसकी असली समस्या उस आम भारतीय से है, जिसने वंशवाद का सिंहासन हिलाकर एक साधारण परिवार के बेटे को देश का प्रधानमंत्री बनाया। यही सच कांग्रेस का दरबारी अहंकार आज तक स्वीकार नहीं कर पाया है। श्री खड़गे जी, देश का आम नागरिक अपने वोट की ताकत भी जानता है और अपना भविष्य भी। उसे पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। याद रखिए, आदरणीय प्रधानमंत्री जी के परिवार पर अभद्र टिप्पणी करना राजनीतिक साहस नहीं, वैचारिक दरिद्रता है।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) October 25, 2026
संबित पात्रा ने कांग्रेस पर अमर्यादित होने का आरोप लगाया
सांसद संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति का स्तर आज कहां पहुंच गया है। यह उसके शीर्ष नेतृत्व की भाषा और व्यवहार से साफ दिखाई पड़ता है। जिस भाषा को कभी सड़कछाप राजनीति और दबंगई से जोड़ा जाता था, आज उसी भाषा का इस्तेमाल कांग्रेस अध्यक्ष कर रहे हैं। कांग्रेस की राजनीति में शालीनता, संयम और लोकतांत्रिक मर्यादा के लिए कोई जगह नहीं बची है क्या। संबित पात्रा ने कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस पार्टी आज भी पीएम मोदी के प्रति अपनी राजनीतिक प्रतिद्वंदिता को व्यक्तिगत कटुता में बदलती दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि सत्ता पाने की बेचैनी और पीएम मोदी को हटाने की जिद में कांग्रेस यह भूल रही है कि भारत की जनता किसी परिवार की राजनीतिक महात्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए नहीं है, बल्कि देश के विकास और अपने उज्जवल भविष्य के लिए मतदान करती है।
कांग्रेस की राजनीति का स्तर आज कहाँ पहुँच गया है, यह उसके शीर्ष नेतृत्व की भाषा और व्यवहार से साफ दिखाई देता है। जिस भाषा को कभी सड़कछाप राजनीति और दबंगई से जोड़ा जाता था, आज उसी भाषा का इस्तेमाल कांग्रेस अध्यक्ष कर रहे हैं। कांग्रेस की राजनीति में शालीनता, संयम और लोकतांत्रिक मर्यादा के लिए कोई जगह बची भी है या नहीं? वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस पार्टी आज भी प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रति अपनी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को व्यक्तिगत कटुता में बदलती दिखाई देती है। सत्ता पाने की बेचैनी और प्रधानमंत्री मोदी जी को हटाने की जिद में कांग्रेस यह भूल रही है कि भारत की जनता किसी परिवार की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि देश के विकास और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए मतदान करती है।
— Sambit Patra (@sambitswaraj) October 25, 2026