गुवाहाटी
असम के कर्मचारियों का DA-DR बढ़ाकर 60% कर दिया गया है। सरकार ने घोषणा की है कि राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को 60 प्रतिशत तक बढ़ाने से होने वाले वित्तीय बोझ को पूरा करने के लिए असम सरकार को हर महीने अतिरिक्त 49.82 करोड़ की आवश्यकता होगी। बताया गया कि राज्य का बकाया कर्ज बढ़कर 1.62 लाख करोड़ हो गया है। कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन सिकदर के एक सवाल का जवाब देते हुए वित्त मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने कहा कि यह अतिरिक्त मासिक खर्च वेतन और पेंशन मदों के तहत होगा। उन्होंने सदन को सूचित किया कि संशोधित 60 प्रतिशत DA और DR जून 2026 से लागू हुआ और इसका भुगतान जुलाई में वितरित जून के वेतन और पेंशन के साथ किया गया।

क्या बताया वित्त मंत्री ने
केंद्र की तर्ज पर जनवरी से संशोधित DA लागू न किए जाने के सवाल पर मल्लाबरुआ ने कहा कि राज्य सरकार वेतन संशोधन और सेवा लाभों पर निर्णय राज्य वेतन आयोग की सिफारिशों और असम की वित्तीय स्थिति के आधार पर लेती है। उन्होंने कहा कि असम उन छह राज्यों में शामिल है जिन्होंने DA को 60 प्रतिशत तक बढ़ाया है। 1 फरवरी 2005 से पहले भर्ती प्रक्रिया शुरू होने वाले कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू करने पर मंत्री ने कहा कि वित्त विभाग ने राज्य की 'अष्टादश मुकुटार उन्नयोनी माला' पहल के तहत की गई बजट घोषणा को लागू करने के लिए मार्च 2025 में सभी प्रशासनिक विभागों से विस्तृत जानकारी मांगी थी।

रेवेन्यू के असल आंकड़े को लेकर सवाल
मल्लाबरुआ ने कहा कि वित्त विभाग वर्तमान में रिकॉर्ड की पुष्टि के लिए विभागों के प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले चरण में आगे बढ़ेगी। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में राज्य के रेवेन्यू कलेक्शन और फंड जारी करने के बारे में मंत्री ने कहा कि रेवेन्यू के असल आंकड़े तभी मिल पाएंगे जब प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल फाइनेंशियल ईयर के आखिर में फाइनेंस अकाउंट्स पब्लिश करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि सीलिंग सिस्टम के तहत जारी फंड की जानकारी पहले ही असेंबली के सामने रखी जा चुकी है, लेकिन नॉन-सीलिंग सिस्टम के तहत जारी फंड से जुड़ा डेटा अकाउंटेंट जनरल द्वारा वेरिफिकेशन के बाद ही मिल पाएगा।
