द फॉलोअप डेस्क:
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को अपशब्द कहने वाली रुचिका सिंह के समर्थन में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके आ गये हैं। अभिजीत दीपके ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर का विरोध करते हुए कहा कि गाली देना कब से अपराध हो गया? अभिजीत दीपके ने कहा कि गाली देना बुरी बात हो सकती है, लेकिन इसके लिए लड़की को समझाया जा सकता था और दोबारा ऐसा नहीं करने की हिदायत दी जा सकती थी, लेकिन मुकदमा दर्ज करने का क्या तुक है? अभिजीत दीपके ने कहा कि लड़कियों को ऑनलाइन अपशब्द कहने वाले बीजेपी के आईटी सेल पर कब मुकदमा होगा?

बीजेपी के आईटी सेल पर मुकदमें की मांग
अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि गाली देना अपराध है तो पहला मुकदमा बीजेपी के आईटी सेल पर दर्ज होना चाहिए, जिन्होंने आंदोलन के दौरान लड़कियों के बारे में न जाने कैसे-कैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सोशल मीडिया से गालियां दी गईं, जिनमें फॉलो बाय नरेंद्र मोदी लिखा हुआ था। उन्होंने कहा कि आईटी सेल ही क्यों, अतीत में सांसद रमेश बिधूड़ी अपनी साथी सांसद के लिए अभद्र टिप्पणी कर चुके हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाचार एजेंसी एएनआई के कैमरापर्सन को अपशब्द कहा था। इनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए। उन्होंने रुचिका सिंह पर मुकदमे को गलत बताया।
Will FIRs also be filed against the IT cell members who have abused women in the worst possible manner for all these years? pic.twitter.com/xaz26nmt0C
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 31, 2026
रुचिका सिंह ने प्रधानमंत्री को दी थी गाली!
गौरतलब है कि वाकया 23 जुलाई 2026 का है। नोएडा के सेक्टर-168 की रहने वाली रुचिका सिंह ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया था। गाजियाबाद निवासी सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता स्मृति सिंह ने रुचिका सिंह के खिलाफ नोएडा के एक्सप्रेस-वे थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कराई। रुचिका सिंह के खिलाफ लोकशांति भंग करने के इरादे से अपमान, सार्वजनिक द्वेष फैलाने और मानहानि से जुड़ी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। केस को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में ट्रांसफर कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और रुचिका परिजनों सहित फरार है।