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पश्चिमी सिंहभूम में डायन-बिसाही के शक में महिला की हत्या, 4 आरोपी गिरफ्तार

पश्चिमी सिंहभूम में डायन-बिसाही के शक में महिला की हत्या, 4 आरोपी गिरफ्तार

पश्चिमी सिंहभूम:
West Singhbhum News:
पश्चिमी सिंहभूम जिले में अंधविश्वास (Superstition) ने एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर दिया। पत्नी की बीमारी के पीछे जादू-टोने (witchcraft) का संदेह एक 46 वर्षीय महिला की हत्या की वजह बन गया। कराईकेला थाना क्षेत्र के कोलजोमरो गांव (Koljomro village) में रेंदाई सुंबरुई की लाठी-डंडों से पीटकर और गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए घटना के चार घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में इस्तेमाल लकड़ी का डंडा भी बरामद किया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक आरोपी की पत्नी की बीमारी और मृतका पर जादू-टोना करने के संदेह को हत्या की वजह माना जा रहा है। यह घटना बताती है कि आज भी डायन-बिसाही (Witchcraft and sorcery) जैसी कुप्रथा (Evil practice) किस तरह जानलेवा साबित हो रही है।

चार आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए
गिरफ्तार आरोपियों में बुधु होनहागा, मार्टिन दिग्गी, मारतुस होनहागा और मधुसूदन होनहागा शामिल हैं। चारों कराईकेला थाना क्षेत्र के जोनुवा गांव के निवासी हैं। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पति की शिकायत पर दर्ज हुआ हत्या का मामला
पुलिस के अनुसार, 24 अक्टूबर को कराईकेला थाना क्षेत्र के कोलजोमरो गांव में एक महिला की हत्या की सूचना मिली थी। मृतका की पहचान गांव निवासी साधुचरण सुंबरुई की पत्नी रेंदाई सुंबरुई (46) के रूप में हुई। पति की लिखित शिकायत पर कराईकेला थाने में कांड संख्या 22/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)/3(5) और झारखंड डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2001 की धारा 3/4 के तहत दर्ज किया गया है।

पत्नी बीमार हुई तो महिला पर करने लगा शक
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों में से एक की पत्नी पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थी। आरोपी को संदेह था कि रेंदाई सुंबरुई ने उसकी पत्नी पर जादू-टोना किया है। इसी संदेह को हत्या की वजह माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के दौरान आरोपियों ने महिला पर लकड़ी के डंडों से हमला किया और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हालांकि, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे अंधविश्वास के अलावा कोई निजी रंजिश तो नहीं थी।

एसपी के निर्देश पर बनी टीम, चार घंटे में चारों गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु के निर्देश पर चक्रधरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी के नेतृत्व में छापेमारी दल गठित किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के चार घंटे के भीतर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लकड़ी का डंडा भी बरामद किया गया। छापेमारी दल में एसडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी, थाना प्रभारी प्यारे हसन, पुलिस अवर निरीक्षक धीरज कुमार यादव, अनुसंधानकर्ता संजीत कुमार और कराईकेला थाना के रिजर्व जवान शामिल थे।

बीमारी का इलाज कराने के बजाय अंधविश्वास में तलाशा दोष
डायन-बिसाही के संदेह में हुई यह हत्या ग्रामीण समाज में मौजूद उस सोच को उजागर करती है, जिसमें बीमारी के कारणों को समझने और चिकित्सा कराने के बजाय किसी महिला को जादू-टोने के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है। ऐसे आरोपों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, लेकिन इनके कारण महिलाओं को सामाजिक बहिष्कार, प्रताड़ना और जानलेवा हिंसा तक का सामना करना पड़ता है।

अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता जरूरी
बंदगांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाना बड़ी चुनौती है। कानून के तहत कार्रवाई के साथ लोगों को बीमारियों के वैज्ञानिक कारणों, चिकित्सा सुविधाओं और महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। रेंदाई सुंबरुई की हत्या ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि अंधविश्वास के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह सकती। इसके लिए समाज की सोच में बदलाव लाना भी उतना ही आवश्यक है।

Tags - West Singhbhum Jharkhand News Crime Superstition Witchcraft