द फॉलोअप डेस्क
पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन के असमय निधन के बाद अब राज्य में कई तरह बदलाव दिखेंगे। झारखंड राज्य समन्वय समिति का पुनर्गठन और समय पूर्व राज्यसभा का चुनाव अवश्यंभावी हो गया है। नवंबर 2022 में गुरुजी की अध्यक्षता में राज्य समन्वय समिति का गठन किया गया था। राज्यसभा सदस्य सरफराज अहमद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, झामुमो महासचिव विनोद पांडेय और झामुमो के वरिष्ठ नेता फागू बेसरा को समन्वय समिति का सदस्य हैं। लेकिन गुरुजी के निधन के बाद समन्वय समिति अब हेडलेस हो गया है। इस कारण सरकार के लिए समन्वय समिति का पुनर्गठन करना अचानक मजबूरी बन गयी है। वैसे 25 नवंबर को राज्य समन्वय समिति का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है।

इधर गुरुजी के निधन से झारखंड से राज्यसभा की एक सीट खाली हो गयी है। नियमानुसार छह महीने के भीतर रिक्त सीट के लिए चुनाव कराने की बाध्यता है। मालूम हो कि झामुमो सुप्रीमो स्वर्गीय गुरुजी 22 जून 2020 को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। राज्यसभा के इस चुनाव में भाजपा से दीपक प्रकाश का भी निर्वाचन हुआ था। इन दोनों ही नेताओं का 21 जून 2026 तक कार्यकाल है। लेकिन लगभग एक साल पूर्व गुरुजी का निधन हो गया। इसलिए गुरुजी के निधन से रिक्त हुई सीट के विरुद्ध निर्वाचन आयोग को छह महीने के भीतर चुनाव कराना होगा।
