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भेदभाव : नगर विकासः 33 कनीय अभियंताओं को 30 हजार तो 74 को मिलता है 47700 मानदेय

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द फॉलोअप डेस्क

नगर विकास विभाग में संविदा पर नियुक्त कनीय अभियंताओं की वेतन विसंगति ने भेदभाव की पराकाष्ठा को पार कर दिया है। एक ही नियुक्ति प्रक्रिया से नियुक्त हुए लगभग 140 कनीय अभियंताओं में शेष बचे 107 कनीय अभियंताओं के वेतन इसके प्रमाण हैं। इन 107 कनीय अभियंताओं में 74 को 47700 और 50100 रुपए प्रति माह मानदेय मिल रहा है, वहीं 33 कनीय अभियंता मात्र 30000 रुपए मानदेय पर खटाए जा रहे हैं। पीड़ित कनीय अभियंता नगर विकास मंत्री, नगर विकास सचिव, अन्य मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगाते लगाते अब थक से गए हैं। इनको भय है कि अगर आंदोलन की राह पकड़ेंगे तो संविदा से रुख्सत किए जा सकते हैं। इसलिए मन मार कर काम करने को विवश हैं।

क्या है पूरा मामला

नगर विकास विभाग ने 2019 में राज्य के विभिन्न नगर निकायों में लगभग 140 कनीय अभियंताओं की नियुक्ति की थी। इनमें सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल व कई अन्य ट्रेडों में कनीय अभियंताओं की नियुक्ति की गयी। इन्हें विभिन्न नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में पोस्ट किया गया है। धीरे धीरे 140 में लगभग 33 कनीय अभियंताओं की बेहतर जगहों पर नौकरी हो गयी। वे नौकरी छोड़ गए। 107 कनीय अभियंता शेष बच गए। जब राज्य सरकार द्वारा नगर विकास विभाग में कनीय अभियंताओं की नियमित नियुक्ति हुई तो अक्तूबर 2024 में विभिन्न निकायों में संविदा पर कार्यरत 107 कनीय अभियंताओं को नये सिरे से पोस्टिंग की गयी। 33 कनीय अभियंताओं की सेवा जुडको को दी गयी। शेष 74 कनीय अभियंताओं को माडा, झारखंड राज्य हाउसिंग बोर्ड, नगरीय प्रशासन, आरआरडीए भेज दिया गया। अब दिलचस्प यह है कि जुडको में कार्यरत 33 कनीय अभियंताओं को छोड़ अन्य 74 कनीय अभियंताओं को 47700 और 50100 रुपए प्रति माह मानदेय मिल रहा है। रांची, जमशेदपुर, बोकारो और धनबाद शहर में कार्यरत कनीय अभियंताओं को 50100 एवं अन्य छोटे शहरों में कार्यरत कनीय अभियंताओं को 47700 रुपए प्रति माह मानदेय मिलता है। दिलचस्प पहलू यह है कि जुडको में आने से पहले 33 कनीय अभियंताओं को भी 47700 और 50100 रुपए मासिक का भुगतान किया गया। लेकिन जुडको में जाते ही उनका वेतन एकमुश्त घट कर 30000 कर दिया गया।

कैबिनेट के फैसले का भी नहीं हो रहा पालन

दिलचस्प स्थिति यह है राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, कार्यालयों और संस्थानों में संविदा पर कार्यरत कर्मियों के मामले में कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसले का भी अनुपालन नहीं हो रहा है। सितंबर 2024 में कैबिनेट ने वित्त विभाग के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की थी। उसमें संविदा पर कार्यरत कर्मियों का ग्रेड पे के आधार पर संविदा राशि में एकमुश्त बढोत्तरी का फैसला किया गया था। कैबिनेट के उस फैसले के अनुसार कनीय अभियंता, जिनका ग्रेड पे 4200 है, को राज्य के बड़े शहरों में 55700 रुपए और छोटे शहरों में 53400 रुपए प्रति माह दिए जाने का स्वीकृति दी गयी थी। लेकिन किसी भी कनीय अभियंता को कैबिनेट के उस फैसले के अनुरूप मानदेय का भुगतान नहीं हो रहा है.